1475 मरीजों में 67 में मिले वायरस
आईसीएमआर की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. निवेदिता गुप्ता ने बताया कि पिछले साल मई से अक्तूबर के बीच देश के 13 राज्यों से 1475 मरीजों के नमूने एकत्रित करने के बाद जांच की गई थी। इस दौरान 67 मरीजों में जीका वायरस, 121 में डेंगू और 10 मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। जीका वायरस के सभी मामले लक्षण ग्रस्त थे।
इनमें से 84 फीसदी रोगियों को बुखार और 78 फीसदी को शरीर पर लाल चकते उभरने के लक्षण थे। डॉ. गुप्ता ने कहा, हमारे लिए चौंकाने वाली स्थिति तब आई जब कुछ नमूनों में हमने जीका-डेंगू, जीका-चिकनगुनिया और डेंगू-चिकनगुनिया व जीका तीनों एक साथ देखे। अगर आगामी दिनों में यह प्रसार और बढ़ता है तो देश के लिए काफी चिंताजनक हालात हो सकते हैं।
एशियाई वैरिएंट मिला मरीजों में
पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की डॉ. प्रज्ञा यादव ने बताया, जांच पूरी होने के बाद जब संक्रमित नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई तो हमें पता चला कि जीका वायरस का एशियाई वैरिएंट ही मरीजों में है। जबकि डेंगू के हमें चारों प्रकार के सीरो टाइप मिले हैं। आमतौर पर एक सीजन में एक या दो ही तरह के सीरो टाइप का प्रसार देखने को मिलता है लेकिन अब यह कहा जा सकता है कि देश के अलग-अलग हिस्से में अलग-अलग सीरो टाइप डेंगू का प्रसार हो रहा है।