चुनावों में और पारदर्शिता लाने के लिए चुनाव आयोग लगातार प्रयासरत है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ने यका प्रस्ताव दिया है। संसद में सरकार ने ह जानकारी दी। कानून और न्याय मंत्री ने बताया कि आयोग का प्रस्ताव विचाराधीन है।
चुनावा आयोग लंबे समय से चुनाव में सुधार प्रस्तावों को लेकर गंभीर है। इस सिलसिले में आयोग की ओर से सरकार के सामने कई प्रस्ताव भी रखे जा चुके हैं। चुनाव आयोग अब आधार से वोटर लिस्ट को जोड़ने की कवायद में जुटा है। आयोग ने अलग-अलग स्थानों पर एक ही व्यक्ति के कई नाम होने के खतरे को रोकने के लिए मतदाता सूची को आधार से जोड़ने का प्रस्ताव एक बार फिर दिया है। लोकसभा में कानून और न्याय मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। कानून और न्याय मंत्री ने बताया कि मामला सरकार के विचाराधीन है, जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा।
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सरकार की ओर से कहा गया कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को सुरक्षित और सही बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। बता दें कि 2019 में चुनाव आयोग द्वारा इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। चुनाव आयोग की मानें तो आधार से वोटर आईडी कार्ड लिंक होने से काफी दिक्कतें खत्म होंगी। अभी वोटर लिस्ट में कई नाम बार-बार आते हैं, जिससे आयोग के सामने कई दिक्कतें खड़ी होती हैं।
नया वोटर कार्ड के लिए आधार अनिवार्य करने की अपील
गौरतलब है कि चुनाव आयोग की ओर से लंबे वक्त से केंद्र सरकार से कानून में बदलाव की मांग की जा रही है। चुनाव आयोग का कहना है कि जो भी नया व्यक्ति वोटर आईडी कार्ड के लिए आवेदन करे, उसके लिए आधार की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया जाए।