स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के नेतृत्व वाले बैंक संघ को अपने खाते में शुक्रवार को ईडी से 5,824.5 करोड़ रुपये मिल गए। यह रकम भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज लिमिटेड (यूबीएल) के शेयरों की धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत बिक्री से मिली है।
एसबीआई संघ ने यूबीएल को 9000 करोड़ रुपये का ऋण दिया था। लेकिन माल्या कर्ज चुकाए बिना ब्रिटेन फरार हो गया था, जहां से उसे प्रत्यर्पित करने की कार्रवाई चल रही है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया कि विवाद समाधान न्यायाधिकरण (डीआरटी) ने इन शेयरों की बिक्री 23 जून को की थी। इससे पहले ईडी ने विशेष पीएमएलए कोर्ट के निर्देश पर यूबीएल के 6624 करोड़ रुपये की कीमत के शेयरों को एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंक संघ हस्तांतरित किए थे।
इन शेयरों को ईडी ने पीएमएलए के तहत जब्त किया था। शेष 800 करोड़ कीमत के शेयरों की बिक्री और इस रकम को एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंक संघ को जल्द हस्तांतरित किए जाने की उम्मीद है।
बुधवार को जारी बयान में ईडी ने कहा था कि माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने बैंकों 22,585.83 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। इन तीनों की कुर्क संपत्तियों को बेचकर घोटाले की रकम का करीब 40 फीसदी यानी 9041.5 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
यह रकम पीएनबी और एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंक संघों को दी जा चुकी है। साथ ही एजेंसी ने इन दोनों बैंक धोखाधड़ी मामलों में कुल 18,170.02 करोड़ रुपये की कीमत की संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें से 969 करोड़ की संपत्तियां विदेश में हैं। यह बैंकों को हुए कुल नुकसान के 80.45 फीसदी के बराबर है।