ईडी के अनुसार वी सतीश ने दावा किया कि उनका वीएमसीएसएल के एनपीए से कोई लेनादेना नहीं है, लेकिन 20 जुलाई को उनके आवास की ली गई तलाशी के दौरान इस कंपनी के 40 से अधिक हार्ड डिस्क बरामद हुई।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एक संघ के साथ 3,316 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में पिछले हफ्ते हैदराबाद की एक कंपनी के प्रबंधक निदेशक (एमडी) को गिरफ्तार किया है। ईडी ने यह जानकारी बृहस्पतिवार को दी।
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एजेंसी ने बताया कि पृथ्वी इंफॉर्मेशन सॉल्यूशन लिमिटेड (पीआईएसएल) के प्रबंध निदेशक वुप्पलपति सतीश कुमार को 12 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत ने 10 दिन के लिए उसकी हिरासत में भेज दिया।
इस मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले इस महीने की शुरुआत में ईडी ने दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी वीएमसीएसएल की प्रबंध निदेशक और मुख्य आरोपी वी हिमा बिंदु को गिरफ्तार किया था। बिंदु सतीश की बहन हैं।
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डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच में पाया गया कि सतीश बेनामी लेनदेन में और धोखाधड़ी से हासिल की गई राशि को विदेशी कंपनियों को हस्तांतरित करने की कोशिशों में शामिल थे।
वीएमसीएसएल और उसके प्रमोटरों के खिलाफ धन शोधन का ईडी का मामला उनके खिलाफ पहले से सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। साथ ही ईडी ने दावा किया कि वह जांच के दौरान सहयोग नहीं कर रहे है और अपने स्वामित्व वाले कंपनियों के दस्तावेज भी मुहैया नहीं कराए।