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सिडनी संवाद: विदेश मंत्री जयशंकर ने प्रौद्योगिकी-डाटा के उपयोग में समानता और निष्पक्षता की वकालत की

Sat, 20 Nov 2021 01:02 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली

सार

जयशंकर ने कहा, 'अगर हमें अच्छा करना है, तो यह महत्वपूर्ण है कि लोकतांत्रिक समाज सही संतुलन कायम करे क्योंकि आखिरकार लोकतंत्र तभी आगे बढ़ेगा जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि लोकतंत्र का कोई लाभ है।'
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विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : Twitter@DrSJaishankar
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि नई प्रौद्योगिकी और डाटा के उपयोग में बुनियादी नियम और समानता तथा निष्पक्षता की भावना होनी चाहिए। सिडनी डायलॉग में वर्चुअल पैनल परिचर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि नया डिजिटल स्पेस और डाटा की दुनिया 'पूंजीवाद के 19वीं सदी के सिद्धांत' पर नहीं चलाया जा सकता है और उन्हें विनियमित करने के लिए प्रभावी मानदंडों की आवश्यकता है।

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जयशंकर ने कहा, "अगर हमें अच्छा करना है, तो यह महत्वपूर्ण है कि लोकतांत्रिक समाज सही संतुलन कायम करे क्योंकि आखिरकार लोकतंत्र तभी आगे बढ़ेगा जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि लोकतंत्र का कोई लाभ है।" उन्होंने कहा "हमारे पास एक तकनीकी दुनिया नहीं हो सकती है, डाटा की दुनिया अनिवार्य रूप से पूंजीवाद के 19वीं सदी के सिद्धांत पर चलती है।"

'सिडनी डायलॉग' उभरती, महत्वपूर्ण और साइबर प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित एक मंच है। विदेश मंत्री ने कहा, 'एक तरफ हमें आजादी चाहिए, हमें खुलेपन और प्रवाह की जरूरत है, लेकिन दूसरी तरफ बुनियादी नियम, समानता तथा निष्पक्षता की भावना होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि डाटा चोरी वैश्विक व्यापार का आधार नहीं हो सकता।
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जयशंकर ने कहा "डाटा चोरी आपके वैश्विक व्यापार का आधार नहीं हो सकता है। ऐसे देश हैं जो स्पष्ट रूप से अपना खुद का व्यवसाय बनाना चाहते हैं। ऐसे लोग हैं जो अपने स्वयं के डाटा पर नियंत्रण रखना चाहते हैं। मुझे लगता है कि उन पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।"

इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी संवाद में भारत के 'प्रौद्योगिकी विकास और क्रांति' विषय पर अपना संबोधन दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के लोगों के लिए बड़े सम्मान की बात है कि आपने मुझे सिडनी डायलॉग के संबोधन के लिए आमंत्रित किया। मैं इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उभरती डिजिटल दुनिया में भारत की केंद्रीय भूमिका की मान्यता के रूप में देखता हूं। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया बदलाव के बड़े दौर से गुजर रही है, इसलिए चुनौती को अवसर के रूप में लेकर बढ़ना ही होगा। 

डिजिटल युग में हमारे चारों ओर सब कुछ बदल रहा है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल युग में हमारे चारों ओर सब कुछ बदल रहा है। इसने राजनीति, अर्थव्यवस्था और समाज को फिर से परिभाषित किया है। यह संप्रभुता, शासन, नैतिकता, क़ानून, अधिकारों और सुरक्षा पर नए सवाल उठा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा, शक्ति और नेतृत्व को नया आकार दे रहा है। पीएम ने कहा कि प्रौद्योगिकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख साधन बन गई है, ये भविष्य की अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने की कुंजी है। प्रौद्योगिकी और डाटा नए हथियार बन रहे हैं। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत खुलापन है। हमें वेस्टर्न इंटरेस्ट के स्वार्थों को इसका दुरुपयोग नहीं करने देना चाहिए।

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