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जल्लीकट्टू के बाद इस खेल से बैन हटाने की मांग

Sun, 22 Jan 2017 09:46 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
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फाइल फोटो - फोटो : getty images
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तमिलनाडु में जल्लीकट्टू को सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद महाराष्ट्र में बैलगाड़ी रेस पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग शुरू हो गई है। शनिवार को पुणे के चाकण में बैलगाड़ी मालिक अपने बैलों को लेकर सड़क पर उतरे और पुणे-नासिक हाईवे जाम कर दिया। स्थानीय शिवसेना सांसद शिवाजीराव आढ़लराव पाटिल ने इसका समर्थन करते हुए मांग की कि तमिलनाडु  में जल्लीकट्टू की तर्ज महाराष्ट्र में भी बैलगाड़ी रेस पर बंदी हटाई जानी चाहिए।
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तमिलनाडु के जल्लीकट्टू की तर्ज पर पश्चिम महाराष्ट्र में भी बैलगाड़ी रेस का प्रचलन रहा है लेकिन सुप्रीम कोर्ट  के आदेश के बाद यहां भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब जब जल्लीकट्टू के लिए अध्यादेश के जरिए प्रतिबंध हटा लिया गया है तो महाराष्ट्र में बैलगाड़ी रेस पर लगी पाबंदी हटाने की मांग शुरू हो गई है। 

बैलगाड़ी रेस आयोजन से जुड़े राम कृष्ण काटलकर का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में हमारा पक्ष सही तरीके से नहीं रखा गया। इसलिए बैलगाड़ी रेस पर प्रतिबंध लगाया गया। उन्होंने मांग की कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के  जल्लीकट्टू के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी है। उसी तरह महाराष्ट्र में भी बैलगाड़ी रेस की अनुमति मिलनी चाहिए। अन्यथा पश्चिम महाराष्ट्र के  किसान तीव्र आंदोलन छेड़ेगे।
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बता दें कि एनिमल वेल्फेयर ऑफ इंडिया और पीपुल फार द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) इंडिया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु और महाराष्ट्र सहित देश में बैलगाड़ी दौड़ पर रोक लगाई है।
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