फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: एप आधारित प्रीमियम बस सेवा शुरू करने पर सवाल, भाजपा ने निजी बस ऑपरेटर को लाभ पहुंचाने का लगाया आरोप

Sun, 23 Apr 2023 07:13 PM IST
निर्मल कांत डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया कि सरकार एप आधारित प्रीमियम बस सेवा को दोबारा शुरू कर एक कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है। लेकिन यदि सरकार आगे बढ़ती है तो भाजपा इस पर आक्रामक रुख अपनाएगी।
विज्ञापन
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली सरकार राजधानी में एप आधारित प्रीमियम बस सेवा को फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य कार चालकों को निजी वाहनों का उपयोग छोड़कर सार्वजनिक वाहनों की तरफ लाना है। लेकिन भाजपा ने आरोप लगाया है कि सरकार इस बस सेवा को एक निजी वाहन चालक कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू करने जा रही है। ध्यान देने की बात है कि सरकार ने इसी तरह की बस सर्विस शुरू करने का प्रयास किया था जिसे बाद में बंद करना पड़ा था। 

विज्ञापन

 

बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने रविवार को कहा कि 2016 में तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग को सरकार की इसी तरह की योजना को रोकना पड़ा था। उन्होंने ऐप आधारित बस सेवा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भाजपा नेता के मुताबिक उस समय बीजेपी की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच हुई और यह साबित हुआ था कि केजरीवाल सरकार गुरुग्राम स्थित बस एग्रीगेटर शटल का पक्ष लेने की कोशिश कर रही थी। भाजपा का आरोप है कि इस मामले के सामने आने के बाद ही उस समय के आम आदमी पार्टी नेता आशीष खेतान ने पहले अपना पद, और बाद में पार्टी छोड़ दिया था।
 
विज्ञापन

सचदेवा ने आरोप लगाया कि सरकार इस सेवा को दोबारा शुरू कर एक कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है। लेकिन यदि सरकार आगे बढ़ती है तो भाजपा इस पर आक्रामक रुख अपनाएगी। उन्होंने कहा कि क्या परिवहन विभाग के नियमों के अनुबंध कैरिज खंड में कोई बदलाव किया गया है? 2016 में एप्प आधारित प्रीमियम बस सेवा को रोकने के पीछे यही कारण सामने आया था कि उस समयअनुबंध कैरिज खंड में ऐसी सेवा का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में बिना बदलाव किए सरकार इस तरह की सेवा शुरू नहीं कर सकती। उन्होंने सरकार से इस मामले पर सफाई देने की मांग की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें