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Karnataka Poll: सिद्धलिंग महास्वामी ने मतदाताओं से की खास अपील; जानें राज्य की सियासत में मठों का कितना प्रभाव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 23 Apr 2023 06:19 PM IST

सार

सिद्धगंगा मठ के प्रमुख सिद्धलिंग महास्वामी ने कहा, ''यह लोगों का कर्तव्य है कि वे जिसे चाहें वोट दें क्योंकि (उन पर शासन करने के लिए) नेताओं का चुनाव करना उनकी पसंद है। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 10 मई को होंगे और मतगणना 13 मई को होगी।
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सिद्धगंगा मठ में सियासी नेता (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

कर्नाटक की 224 सीटों वाली विधानसभा के लिए अगले महीने चुनाव होने हैं। इससे पहले, राज्य के एक प्रमुख धार्मिक नेता ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में बाहर निकलने और अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की है। उनका कहना है कि चुनाव लोकतंत्र का पर्व है और प्रत्येक नागरिक को संविधान के अनुसार मतदान करने का अधिकार है। 

 

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सिद्धगंगा मठ में सियासी नेता (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
कर्नाटक की 224 सीटों वाली विधानसभा के लिए अगले महीने चुनाव होने हैं। इससे पहले, राज्य के एक प्रमुख धार्मिक नेता ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में बाहर निकलने और अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की है। उनका कहना है कि चुनाव लोकतंत्र का पर्व है और प्रत्येक नागरिक को संविधान के अनुसार मतदान करने का अधिकार है। 

 

सिद्धगंगा मठ के प्रमुख सिद्धलिंग महास्वामी ने यहां पीटीआई-भाषा को दिए इंटरव्यू में कहा, ''यह लोगों का कर्तव्य है कि वे जिसे चाहें वोट दें क्योंकि (उन पर शासन करने के लिए) नेताओं का चुनाव करना उनकी पसंद है। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 10 मई को होंगे और मतगणना 13 मई को होगी। 
 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक के मठ राजनीति से दूर रहने का दावा करते हैं, लेकिन यह सर्वविदित है कि इन धार्मिक केंद्रों का अनुसरण विशेष जातियों द्वारा किया जाता है और ये पूरे समुदायों के वोटों को बदल सकते हैं, क्योंकि ये स्थान अन्य सामाजिक सेवाओं का प्रदर्शन करते हुए अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान भी चलाते हैं।
 

तुमकूर जिले में पहाड़ियों से घिरा श्री सिद्धगंगा एक प्रमुख लिंगायत मठ है, जो पूरे राज्य से समाज के सबसे कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ा शैक्षणिक संस्थान चलाता है, जिन्हें मुफ्त में भोजन और शिक्षा की पेशकश की जाती है। रामगिरी या रामलिंग पहाड़ियों और सिद्धगंगा पहाड़ियों में शिवलिंग के साथ कई गुफाएं हैं और गुफाएं शैव इतिहास में अनुसंधान का स्थान भी बन गई हैं। प्रसिद्ध शिवगंगा पहाड़ियां भी श्री सिद्धगंगा मठ के पास स्थित हैं। 
 

उन्होंने कहा, "जनता अपनी पसंद की सरकार चुनेगी। चुनाव के बाद बहुमत वाली पार्टी सरकार बनाएगी। लोगों को मेरा एकमात्र संदेश यह है कि बाहर निकलें और अपने प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए बड़ी संख्या में मतदान करें।" 2019 में श्री शिवकुमार स्वामी के निधन के बाद सिद्धलिंग महास्वामी ने प्रमुख मठ की बागडोर संभाली थी।

राज्यभर में विभिन्न समुदायों के मठों का जनता पर एक महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव है, क्योंकि दिल्ली सहित देशभर के राजनेता आशीर्वाद के लिए इन धार्मिक केंद्रों पर आते हैं। उन्होंने कहा, "मठ सेवाएं दे रहे हैं और वे (राजनेता) आते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। न केवल चुनाव के समय, वे जब चाहें तब आते हैं। हम केवल लोगों से मतदान करने और अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए जोर देते हैं।" 
 

उन्होंने कहा कि सही सरकार चुनना संविधान द्वारा जनता को दिया गया विकल्प है और उन्हें इस अधिकार का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा, "कर्नाटक के लोग भाग्यशाली हैं कि उनके पास पूरे राज्य में मठ हैं और आप देख सकते हैं कि मठ विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सामाजिक सेवाएं दे रहे हैं। यही कारण है कि कर्नाटक में साक्षरता दर उच्च है। मठ भोजन उपलब्ध करा रहे हैं और उन्होंने स्कूल छात्रावास की सुविधा भी शुरू की है।" 
 

सिद्धगंगा मठ में 18 साल से काम कर रहे मुबारक ने कहा कि मठ सभी लोगों के लिए है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। उन्होंने कहा, "विभिन्न धर्मों के करीब 10,000 गरीब छात्र मठ के संस्थान में पढ़ रहे हैं और हर दिन हजारों लोगों को भोजन मिलता है। गुरुजी सभी धर्मों की समान रूप से देखभाल करते हैं।" उन्होंने कहा, "अगर कोई राजनेता यहां आता है तो गुरुजी उसे आशीर्वाद देते हैं।" 
 

मुबारक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, सभी केंद्रीय मंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी सभी मठ में आए हैं और राष्ट्र की सेवा करने के लिए उन्होंने यहां से आशीर्वाद प्राप्त किया है। उन्होंने कहा, "गुरुजी किसी खास पार्टी के पक्ष में नहीं हैं। वह सभी राजनेताओं को समान रूप से अपना आशीर्वाद देते हैं। उनकी मंशा है कि जो भी सत्ता में आए, वह ईमानदारी से समाज की सेवा करे।" उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेता चुनाव प्रचार में शामिल होने से पहले मठ का दौरा करने वाले हैं।

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