ऑनलाइन ट्रेडिंग के कारण लगभग 35 लाख रुपये के कर्ज के जाल में फंसे एक 28 वर्षीय तकनीकी विशेषज्ञ ने चाकू की नोंक पर एक बैंक से कथित तौर पर 85.38 लाख रुपये लूट लिए, लेकिन आखिरकार उसे पकड़ लिया गया। पुलिस के अनुसार, शहर के बसवेश्वर नगर के एक मैकेनिकल इंजीनियर धीरज एस ने बैंक में धावा बोल दिया। कर्मचारी 14 जनवरी की शाम को मदीवाला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में बीटीएम लेआउट में एसबीआई शाखा को बंद कर रहे थे इसी दौरान धीरज ने इस वारदात को अंजाम दिया।
कर्मचारी को चाकू मारकर खुलवाया बैंक
अपने चेहरे पर नकाब लगाए धीरज ने एक बैंक कर्मचारी को चाकू मारकर अन्य कर्मचारियों को बैंक खोलने के लिए कहा। पुलिस ने कहा कि घबराए बैंक अधिकारियों ने उसके निर्देशों का पालन किया। पुलिस ने कहा कि आरोपी उन्हें बैंक के स्ट्रांग रूम में ले गया, जहां 3.77 लाख रुपये नकद और 1.8 किलो सोने के गहने अपने बैग में भरकर भाग गया। शिकायत के बाद पुलिस ने विभिन्न टीमों का गठन किया और खुफिया सूचनाओं पर काम करते हुए जां चआगे बढ़ाई। पुलिस आखिरकार मामले को सुलझाने में सफल रही और 18 जनवरी की शाम को धीरज को पकड़ लिया।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी में बड़ी राशि गंवाई
पूछताछ करने पर धीरज ने खुलासा किया कि वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में 30,000 रुपये मासिक वेतन पर काम करता था। उसने ओलम्पिक ट्रेड नाम की एक ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी में बड़ी राशि गंवा दी थी। पुलिस ने कहा कि नुकसान से उबरने के लिए उसने करीब 35 लाख रुपये उधार लिए थे। जैसे ही साहूकारों ने उसे परेशान करना शुरू किया, उसने बैंक लूट की योजना बनाई। उसने यूट्यूब चैनल में वीडियो देखकर बैंक डकैती की बातें सीखीं। धीरज ने कथित तौर पर न केवल बेंगलुरु में बल्कि आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में भी कई बैंकों की रेकी की थी और अंत में बीटीएम लेआउट में एसबीआई की शाखा को अपना निशाना बनाया।