अमर उजाला फाउंडेशन और माइंड्स इग्नाइटेड के सहयोग से संपन्न हुए 'नजरिया-जो जीवन बदल दे' के दिल्ली चैप्टर में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने शिरकत की। भारत में साइबर सुरक्षा मामले में क्रांति लाने वाले रक्षित ने युवाओं को इंटरनेट पर बढ़ती निर्भरता को लेकर आगाह किया और कहा कि यह उनके लिए नुकसानदायक है।
रक्षित नजरिया कार्यक्रम में युवाओं से मुकातिब थे। उन्होंने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के खतरे से भी युवाओं आगाह किया और बताया कि 'स्मार्टफोन यूजर अपनी आइडेंटिटी यानि वो ईमेल आईडी जिससे वे अपना एंड्राइड या एप्पल फोन चलाते हैं, उसे सबसे ज्यादा सुरक्षित रखें। कोई भी ऐप डाउनलोड करने से पहले 'आई एग्री' का बटन तभी दबाएं जब आप उसके सारे डाटा सिक्योरिटी क्लॉज पढ़ चुके हों।"
उनके इन सुझावों से युवा साइबर क्राइम के जाल में फंसने से खुद को बचा सकते हैं। अक्सर देखा गया है कि जब भी स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले अपने फोन में कोई ऐप डाउनलोड करते हैं तो वह उसकी शर्तें नहीं पढ़ते, लेकिन उनके खतरे जानने के बाद वह अब इन शर्तों को जरूर पढ़ेंगे।