मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार की साइटों के साथ-साथ निजी पोर्टलों में 8 और 12 जून के बीच सेंध लगाई गई थी। हैकर्स ने भारत के एक प्रमुख बैंक को भी निशाना बनाने का प्रयास किया था।
पैगम्बर टिप्पणी विवाद के बाद भारत की लगभग 70 निजी और सरकारी वेबसाइटों पर अंतर्राष्ट्रीय साइबर हमला हुआ है। अकेले महाराष्ट्र में 50 से ज्यादा वेबसाइटें प्रभावित हुई हैं। हैक्टिविस्ट समूह ड्रैगनफोर्स मलयेशिया द्वारा संचालित साइबर अटैक्स में ऑनलाइन प्लेटफार्मों के साथ इस्राइल में भारतीय दूतावास, राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के ई-पोर्टल को निशाना बनाया है।
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हैकर्स के एक समूह ने ऑडियो क्लिप और टेक्स्ट के माध्यम से संदेश भेजा है। संदेश में कहा गया कि तुम्हारे लिए तुम्हारा धर्म है और मेरे लिए मेरा धर्म है। उन्होंने लिखा, हमें भारतीय लोगों से कोई समस्या नहीं है। वे अपना धर्म चुनने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन हम उन्हें हमारे धर्म (इस्लाम) पर हमला नहीं करने देंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार की साइटों के साथ-साथ निजी पोर्टलों में 8 और 12 जून के बीच सेंध लगाई गई थी। हैकर्स ने भारत के एक प्रमुख बैंक को भी निशाना बनाने का प्रयास किया था। यहां तक दिल्ली पब्लिक स्कूल, भवन और देश भर के कॉलेजों के अन्य समूहों जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को भी नहीं छोड़ा।
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सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, उसी हैक्टिविस्ट समूह द्वारा जिसके 1300 सदस्य हैं, भारत में एक प्रमुख बैंक को भी भंग करने का प्रयास किया गया था।
दुनिया भर के सभी मुस्लिम हैकर्स ने मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं से भारत के खिलाफ अभियान शुरू करने का आह्वान किया है। आंकड़ों के मुताबिक, जून-जुलाई 2021 में भी ड्रैगनफोर्स ने इस्राइल सरकार की वेबसाइटों पर कहर बरपाया कि वह दक्षिण-पूर्व एशिया के मुस्लिम-बहुल देशों के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए तैयार है।