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LS polls: 'यह कोई अंकगणित नहीं बल्कि राजनीति है', माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने इंडिया गठबंधन पर कही ये बात

Wed, 20 Mar 2024 03:11 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीताराम येचुरी ने कहा कि विपक्षी इंडिया गठबंधन लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है, लेकिन काफी कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि सभी दलों को चुनाव में समान अवसर मिलते हैं या नहीं।
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सीताराम येचुरी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव में अब एक महीना से भी कम समय बचा हुआ है। सभी राजनीतिक दल जोर शोर से तैयारियों में लगे हुए हैं। सभी पार्टियों के नेताओं ने कमर कस ली है। ऐसे में अब सवाल उठने लगे हैं कि देश का धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक चरित्र बरकरार रहेगा या नहीं। इसी पर सवाल उठाते हुए माकपा (सीपीआईएम)  महासचिव सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा कि यह तय करने में लोकसभा चुनाव अहम होंगे क्योंकि पिछले 10 सालों में लोकतंत्र के मूल स्तंभों पर हमला होता देखा गया है।

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लोकप्रियता हासिल कर रहा इंडिया गठबंधन
उन्होंने कहा कि विपक्षी इंडिया गठबंधन लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है लेकिन काफी कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि सभी दलों को चुनाव में समान अवसर मिलते हैं या नहीं। माकपा महासचिव ने एक साक्षात्कार में लोकसभा चुनाव को देश के लिए अस्तित्व का चुनाव करार दिया।

पिछले 10 वर्षों में एक गंभीर...
उन्होंने कहा, 'चुनाव तय करेंगे कि हम अपना धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक चरित्र बनाए रखने जा रहे हैं या नहीं। पिछले 10 वर्षों में एक गंभीर कटान हुआ है। मैं वास्तव में इसे संवैधानिक मूल्यों और हमारे संविधान के मूल स्तंभों पर हमला कहूंगा। क्या हम भारतीय गणतंत्र और धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक चरित्र की रक्षा करने जा रहे हैं? या इसे और अधिक खराब होने दें? यही कारण है कि चुनाव मौजूदा समय में बेहद महत्वपूर्ण हैं।'
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नागरिक स्वतंत्रता के अधिकारों की रक्षा करने की आज जरूरत
येचुरी ने कहा कि इंडिया समूह का गठन संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के इरादे से किया गया था और इस समूह की पार्टियां लोगों के बीच गहरी मजबूती बनाए हुए हैं। उन्होंने आगे कहा, 'इंडिया ब्लॉक का गठन इस स्पष्ट इरादे के साथ किया गया था कि हमारे संविधान द्वारा प्रदत्त लोगों के संविधान, लोकतंत्र, मानव और नागरिक स्वतंत्रता के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें और मजबूत करने की आज जरूरत है और सबसे महत्वपूर्ण बात संविधान के तहत समानता और न्याय प्रदान करना है। जो दल साथ आए हैं, वे इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।' 

येचुरी ने कहा कि बिहार में जदयू और उत्तर प्रदेश में रालोद जैसे दलों के पार्टी छोड़ने और सीट बंटवारे के समझौते में देरी को गठबंधन के लिए झटका माना जा रहा है। हालांकि, सीटों के बंटवारे पर बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। 

कोई अंकगणित नहीं, यह राजनीति हैं
उन्होंने कहा, 'चुनावी राजनीति, सीटों का समायोजन और गठबंधन कोई अंकगणित नहीं है। यह राजनीति हैं। ऐसा नहीं है कि आप दो और दो जोड़ते हैं, यह चार हो जाता है। या आप माइनस करते हैं। तो सवाल यह नहीं है कि कौन जा रहा है, कौन आ रहा है। सवाल यह है कि वे कौन से सिद्धांत हैं जिन पर लोग शामिल हो रहे हैं।'

चुनाव से पहले लोगों के सामने महत्वपूर्ण मुद्दों को रखते हुए माकपा नेता ने कहा कि लोगों के सामने आजीविका सबसे अहम मुद्दा है। उन्होंने कहा, 'मुख्य मुद्दा जो मुख्य रूप से लोगों की चिंता में है वह वास्तव में उनका जीवन स्तर है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों से पता चला है कि रोजगार के स्तर में शायद ही कोई सुधार हुआ है। इस तरह की आर्थिक नीतियों ने न केवल अर्थव्यवस्था में, बल्कि लोगों के जीवन को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।'
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येचुरी ने आरोप लगाया कि रोजगार लोगों के सामने मुख्य मुद्दा है जबकि भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के जरिए लोगों को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।

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