देश में शनिवार को दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के शुरू होने के साथ इस पर सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने टीकाकरण अभियान के शुरू होने पर वैक्सीन पर फिर से सवाल उठाए। कांग्रेसी नेता मनीष तिवारी ने कहा कि अगर वैक्सीन भरोसेमंद है, तो फिर मोदी सरकार से जुड़े लोग और मंत्री क्यों नहीं लगवा रहे हैं? वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना के खिलाफ वैक्सीन संजीवनी का काम करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों पर पर भरोसा रखें।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने टीकों के इस्तेमाल की मंजूरी की प्रकिया पर फिर सवाल खड़े किए। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘टीकाकरण आरंभ हो गया है और यह अजोबो-गरीब है कि भारत के पास आपात उपयोग को अधिकृत करने का कोई नीतिगत ढांचा नहीं है। फिर भी दो टीकों के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग की अनुमति दी गई।’’
एलिजाबेथ, बोरिस जॉनसन और बाइडन ने लगवाई : तिवारी
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोवैक्सीन की अलग ही कहानी है। इसे उचित प्रक्रिया के बिना अनुमति दी गई। मनीष तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दावा कर रहे हैं कि कोविड वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावकारी है, तो फिर वे बताएं कि सबसे पहले मोदी सरकार के किसी मंत्री को वैक्सीन क्यों नहीं लगाई गई? मनीष तिवारी ने कहा कि दुनिया के हर देश, जहां टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है, वहां नेताओं ने टीका लगवाया। अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी वैक्सीन लगवाई। ब्रिटेन में रानी एलिजाबेथ द्वितीय और प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी वैक्सीन लगवाई। ऐसा इसलिए ताकि वे अपने लोगों में वैक्सीन के प्रति भरोसा जगा सके। फिर हमारे यहां क्यों सरकार ऐसा नहीं कर रही?