आयकर विभाग ने कांग्रेस सांसद साहू से जुड़े एक कारोबारी समूह के कई परिसरों से 300 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की है। कांग्रेस ने यह दावा करते हुए उनसे दूरी बना ली है कि पार्टी का उनके कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है, जबकि भाजपा ने विपक्षी दलों के खिलाफ भ्रष्टाचार के अपने आरोप को आगे बढ़ाने के लिए इस मुद्दे का सहारा लिया है।
गृहमंत्री शाह ने कहा, 'मैं समझता हूं कि कांग्रेस (इस मुद्दे पर) चुप है क्योंकि भ्रष्टाचार उनके स्वभाव में है लेकिन जदयू, राजद, द्रमुक और सपा सभी चुपचाप बैठे हैं। अब मुझे समझ में आया कि पीएम (नरेंद्र) मोदी के खिलाफ अभियान क्यों चलाया गया कि एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। यह इसलिए चलाया गया क्योंकि उनके मन में डर था कि उनके भ्रष्टाचार के सभी रहस्य सामने आ जाएंगे।'
इससे पहले आज झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि उनकी पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। मंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट करने की जिम्मेदारी केंद्रीय एजेंसी पर थी कि पैसा कहां से आया।
गुप्ता ने कहा कि झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य साहू एक बड़े कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। आयकर अधिकारियों को बरामद धन के स्रोत के बारे में तथ्यों का पता लगाने के लिए उचित जांच करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, 'ऐसा नहीं है कि उन्होंने रिश्वत का पैसा छिपा रखा था। जांच चल रही है जिसके बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। हालांकि, यह उनका (साहू का) निजी मामला है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।' इसके अलावा, दिल्ली भारतीय जनता पार्टी की सभी 14 इकाइयां कांग्रेस नेता धीरज साहू के करोड़ों रुपये के नकद घोटाले के विरोध में कल राष्ट्रीय राजधानी में धरना देंगी।