कोरोना के नए वैरिएंट एक्सई के खतरे के बीच केंद्र सरकार ने 18+ आयु वर्ग के लोगों को एहतियाती या बूस्टर खुराक देने का फैसला कर लिया है। यह खुराक रविवार से लगनी शुरू होगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर तैयारी की है। 18 से 59 साल आयु वर्ग के लोगों को तीसरी खुराक लगवाने के लिए किसी प्रकार के पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी। क्योंकि, लाभार्थी पहले से ही को-विन एप पर पंजीकृत होगा। इसके अलावा तीसरी खुराक के रूप में सिर्फ उसी वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाएगा, जो पहली और दूसरी डोज के रूप में लगा होगा। बूस्टर खुराक के लिए लोगों को 150 रुपये तक खर्च करना होगे।
ये है मकसद
केंद्र सरकार के इस कदम का मकसद टीका निर्माता कंपनियों के पास तैयार खुराकों को खपाना है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) और भारत बायोटेक ने कम मांग और बढ़ते स्टॉक की वजह से कोविड-19 टीकों का उत्पादन बंद कर दिया है। भारत में बूस्टर खुराक को मंजूरी मिलने पर सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि हम बूस्टर के बारे में भारत सरकार की घोषणा से खुश है। यह फैसला लंबी अवधि की सुरक्षा मुहैया कराएगा। पूनावाला ने कुछ टीवी चैनलों से बातचीत में इशारा किया कि सीरम निजी अस्पतालों को 600 रुपये प्रति खुराक से भी कम कीमत पर टीके दे सकती है।
प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए तय है यह दाम
टीका कीमत (रुपये प्रति खुराक)
कोविशील्ड 780
कोवैक्सीन 1,410
स्पूतनिक वी 1,145
कोर्बेवैक्स 1,140
कोवोवैक्स 1,095
नोट: जीएसटी और टीका लगाने के 150 रुपये के शुल्क सहित
(कीमत घोषित नहीं है। सूत्रों के मुताबिक एसआईआई ने भारत सरकार को संकेत दिया है कि उसने निजी बाजार में 900 रुपए प्रति खुराक कीमत वसूलने की योजना बनाई है। इसमें अन्य कर अलग होगा।)
इतना आ रहा है खर्च
आबादी के इन वर्गों के लिए बूस्टर खुराक को जनवरी के पहले सप्ताह में मंजूरी दी गई थी। पिछले साल जून में केंद्र ने निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए टीके की एक खुराक लगाने का शुल्क 150 रुपये तय किया था। केंद्र ने निजी टीकाकरण केंद्रों को कर और लगाने के शुल्क सहित कोविशील्ड के लिए अधिकतम 780 रुपये, कोवाक्सिन के लिए 1,410 रुपये और स्पूतनिक वी के लिए 1,145 रुपये वसूलने को कहा था। निजी केंद्रों के लिए कोवीशील्ड की लागत 600 रुपये प्रति खुराक आती है, जो कोवाक्सिन के लिए 1,200 रुपये प्रति खुराक और स्पूतनिक वी के लिए 948 रुपये प्रति खुराक (जीएसटी अतिरिक्त) है। बायोलॉजिकल ई ने कहा है कि वह कोर्बिवैक्स की कीमत 800 रुपये प्रति खुराक (सभी कर अतिरिक्त) रखेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय को मार्च में भेजे पत्र में सीरम ने कहा था कि वह निजी बाजार में कोवैक्स (नोवा वैक्स के टीके) की कीमत 900 रुपये (कर अतिरिक्त) तय करने के बारे में विचार कर रही है। जाइडस लाइफसाइंसेज अपना तीन खुराक का डीएनए टीका जाइकोव-डी केंद्र को 265 रुपये प्रति खुराक पर देती है और सुई रहित एप्लीकेटर डिवाइस की लागत 93 रुपये प्रति खुराक है।
कोविशील्ड की प्रति खुराक कीमत 600 से घटाकर 225 रुपये की
टीके के दाम 375 रुपये से कम भी हो सकते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि यदि कोई अस्पताल सर्विस चार्ज कम रखता है, तो यह खर्च और कम हो सकता है। इससे पहले सीरम इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने टीके के दाम घटाने के फैसले की जानकारी एक ट्वीट के जरिये दी। उन्होंने लिखा, हमें यह बताते हुए खुशी है कि सरकार से चर्चा के बाद हमने निजी अस्पतालों के लिए कोविशील्ड की प्रति खुराक कीमत 600 रुपये से घटाकर 225 रुपये करने का फैसला लिया है। एक दिन पहले शुक्रवार को कंपनी ने कोविशील्ड की प्रति खुराक कीमत 600 रुपये रखने की जानकारी दी थी। वहीं, भारत बायोटेक की सह संस्थापक और संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा इला ने ट्वीट किया, हम देश के सभी वयस्कों के लिए टीके की एहतियाती खुराक उपलब्ध कराने के फैसले का स्वागत करते हैं। इसके लिए हमने सरकार से बात कर दाम 1200 रुपये प्रति खुराक से घटाकर 225 रुपये करने का फैसला लिया है।
अब इतने को लग चुकी है वैक्सीन
15 साल से अधिक उम्र के करीब 96 फीसदी बच्चों को कोविड-19 टीके की कम से कम एक खुराक लग गई है, जबकि 15 साल से अधिक उम्र की करीब 83 फीसदी आबादी को दोनों खुराक लग चुकी है। कोविन डैशबोर्ड के मुताबिक देश में अब तक कोविड-19 टीकों की 1.85 अरब खुराक लग चुकी हैं। भारत में कुल खुराकों में 83.3 फीसदी कोविशील्ड टीके की लगी हैं, जबकि कुल खुराकों में कोवैक्सीन का हिस्सा करीब 16 फीसदी रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों को करीब 2.28 बूस्टर खुराक लगी है।