कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर लोगों को आत्महत्या की ओर धकेलने का आरोप लगाया। कांग्रेस पार्टी ने एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि साल 2014 के बाद से देश में 9.52 लाख लोग आत्महत्या का रास्ता अख्तियार कर चुके हैं।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि आत्महत्या करने वाले छात्रों की संख्या में 55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, यह कदम उठाने वाले बेरोजगारों की संख्या 58 फीसदी बढ़ी है। किसानों, श्रमिकों और दिहाड़ी मजदूरों में आत्महत्या के मामले 139.37 फीसदी बढ़े हैं।
लोगों के जीवन में निराशा ला रही केंद्र सरकार
सुरजेवाला ने एक बयान में कहा, '2014 से 2020 के दौरान सात वर्षों में मोदी सरकार की असफल और असंवेदनशील नीतियों के चलते नौ लाख 58 हजार 275 भारतीय नागरिकों ने आत्महत्या करके अपना जीवन समाप्त करने का रास्ता चुन लिया। केंद्र सरकार लोगों के जीवन में निराशा ला रही है।'
रणदीप सुरजेवाला ने आगे कहा कि इन हैरान कर देने वाले आंकड़ों के बावजूद भाजपा सत्ता के पीछे पड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े डराने वाले हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले एनसीआरबी ने 'भारत में आत्महत्या और हादसों से मौत' मानक रिपोर्ट पिछले महीने जारी की थी।
'लोक सुधार' नहीं 'यमलोक सुधार' की तस्वीर
सुरजेवाला ने कहा कि यह रिपोर्ट कभी खत्म न होने वाली निराशा का प्रदर्शन करती है। महंगाई, बेरोजगारी और अनिश्चितता के चलते इस देश के लोग आत्महत्या करने का रास्ता चुन रहे हैं। कांग्रेस प्रवर्ता ने कहा कि ऐसे आंकड़े सामने आने के पीछे का सबसे अहम कारण बेरोजगारी और महंगाई है।
उन्होंने कहा, 'एनसीआरबी के आंकड़े सरकार की 'लोक सुधार' की तस्वीर के स्थान पर 'यमलोक सिधार' की तस्वीर दिखा रहे हैं।' सुरजेवाला ने कहा कि 2019 से 2020 के बीच किसानों की आत्महत्या में 10 फीसदी बढ़ोतरी हुई है और यह केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों का परिणाम है।