लोकसभा चुनाव के बीच कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ सवाल पूछे हैं। कांग्रेस ने कहा कि पीएम मोदी को सामाजिक-आर्थिक जनगणना कराने और जाति-आधारित आरक्षण पर 50% की सीमा हटाने के बारे में अब कुछ बोलना चाहिए। उन्हें इस पर चुप्पी तोड़नी चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को जाति जनगणना के सवालों का जवाब देना चाहिए
एक्स पर पूछे तीन सवाल
यह है जयराम रमेश का दूसरा सवाल
इसके बाद उन्होंने दूसरा सवाल पूछा कि क्या प्रधानमंत्री सामाजिक-आर्थिक जनगणना चाहते हैं या नहीं? आपने अभी तक इस विषय पर अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ी? 2011 में मनमोहन सरकार ने सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना की। आपने अभी तक जाति को लेकर कोई जानकारी क्यों नहीं दी। 2010 में ससंद के दोनों सदनों में चर्चा के बाद सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना 2011 को मंजूरी दी थी। 1931 की जनगणना के बाद यह पहली जाति-आधारित जनगणना थी।
जानें क्या है तीसरा सवाल
वंचित समुदाय के अधिकारों के चौकीदार हैं पीएम
महाराष्ट्र के नंदुरबार में शुक्रवार को पीएम मोदी ने कहा कि वह गरीबी में पले-बढ़े हैं। वह हाशिए पर रहने वाले समुदायों के संघर्ष को समझते हैं। आदिवासियों और वंचित वर्गों की सेवा उनके लिए परिवार के सदस्यों की सेवा करने के समान है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के शाही परिवार की तरह नहीं हैं। पीएम ने कहा कि वे वंचित समुदाय के अधिकारों के चौकीदार हैं।
पीएम मोदी पर निशाना
प्रधानमंत्री द्वारा कांग्रेस पर अंबानी और अदाणी के साथ सौदा करने का आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद, रमेश ने कहा कि चुनाव हारने की संभावना और आरोपों की जांच की संभावना से पीएम मोदी परेशान हो गए हैं। पीएम के टेम्पो में नकदी भरकर पहुंचाने वाले बयान पर रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तथाकथित काले धन के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। रमेश ने सवाल किया कि उन्हें कैसे पता चला टेम्पो भरकर नकदी के बैग दिए गए।
खरगे को फटकार पर भी बोले जयराम रमेश
कांग्रेस महासचिव रमेश ने पार्टी सुप्रीमो मल्लिकार्जुन खरगे को चुनाव आयोग की फटकार पर भी हैरानी का इजहार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया हैरान करने वाली है। रमेश के मुताबिक खरगे ने विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA की तरफ से बिल्कुल वाजिब सवाल खड़े किए लेकिन आयोग का इसपर नाराजगी प्रकट करना चौंकाने वाला है।