राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित कैबिनेट फेरबदल को बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, अजय माकन और केसी वेणुगोपाल के बीच बैठक के बाद अंतिम रूप दिया गया। सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी के आवास 12 तुगलक लेन पर करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों के लिए अंतिम निर्णय ले लिया गया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, अजय माकन, प्रियंका गांधी और वेणुगोपाल की राहुल गांधी के घर पर बैठक हुई। हालांकि राहुल गांधी इस बैठक में मौजूद नहीं थे। इस मुलाकात के बाद अजय माकन ने कहा कि राजस्थान की राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चा हुई। काफी कन्फ्यूजन दूर हुआ है। उन्होंने एक सवाल पर मुस्कुराते हुए कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार भी हो सकता है, हो सकता है जल्द हो जाए।
घटनाक्रम से वाकिफ कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के सहयोगियों को कम से कम चार और गहलोत के करीबियों को पांच मंत्री पद मिलने की संभावना है। 30 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में नौ रिक्तियां हैं और जुलाई 2020 से रिक्तियां लंबित हैं, जब पायलट और उनके प्रति वफादार दो सांसदों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ विद्रोह के दौरान इस्तीफा दे दिया था। वर्तमान में राजस्थान मंत्रिपरिषद में सीएम गहलोत समेत 21 मंत्री हैं।
घटनाक्रम से परिचित पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "सीएम ने कैबिनेट में नामों को शामिल करने की मंजूरी ले ली है।" वरिष्ठ नेता ने कहा कि विस्तार के बाद विभिन्न निगमों और आयोगों में पद भी पायलट और गहलोत दोनों के करीबी नेताओं से भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि माकन द्वारा दोनों समूहों के साथ लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद विस्तार को अंतिम रूप दिया गया। माकन ने बुधवार सुबह पायलट से मुलाकात की। पार्टी के एक दूसरे नेता ने कहा कि नौ रिक्तियों के अलावा तीन मंत्रियों के पद छोड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि गहलोत के गुरुवार को जयपुर लौटने पर कैबिनेट विस्तार की तारीख राज्यपाल कलराज मिश्रा को बताए जाने की संभावना है।
उधर, सचिन पायलट ने कहा कि “मैंने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर बात की। हम जहां भी आवश्यक हो, लगातार बदलाव की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार को शपथ लिए लगभग तीन साल हो चुके हैं और पार्टी को सत्ता में लाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को उनका राजनीतिक हक देने की जरूरत है।"
पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘जिन्होंने समर्पित भाव से भाजपा की सरकार को हराने का काम किया है इतने सारे कार्यकर्ता को लगना चाहिए कि सरकार में उनकी भागीदारी है और यह सुनिश्चित करने के लिए इसी बात को प्रदेश अध्यक्ष भी कहते हैं और मैं भी कहता हूं और मुझे लगता है कि बहुत जल्द यह करना चाहिए क्योंकि राजस्थान में चुनाव सिर्फ 22-23 महीने दूर रह गये। इस बात पर चर्चा हुई और मुझे लगता है बहुत जल्द अच्छे निर्णय लिये जाएगे।’’