क्रूज ड्रग्स पार्टी मामले में बांबे हाई कोर्ट का विस्तृत फैसला सामने आने के एक दिन बाद कांग्रेस ने एनसीबी को जवाबदेह बनाने की मांग की है। कांग्रेस ने कहा है कि एजेंसियों और अधिकारियों को दंडित करने का प्रावधान किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि आर्यन खान और मामले के सह आरोपियों अरबाज मर्चेट और मुनमुन धमेचा द्वारा पहली नजर में साजिश रचने का कोई सुबूत नहीं है।
सिंघवी की मांग- एनसीबी अधिकारियों पर हो कार्रवाई
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि बांबे हाई कोर्ट की टिप्पणी स्पष्ट और न्यायसंगत है। आर्यन खान को एनसीबी की मनमानी के चलते गैरजरूरी ढंग से 25 दिन जेल में रहना पड़ा। यह पूरी तरह से कानून का दुरुपयोग था। कानून को अब दोषी अधिकारियों के खिलाफ अपना काम करना चाहिए।
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि हाई कोर्ट ने माना कि आर्यन के खिलाफ साजिश रचने का कोई सुबूत नहीं है। अब गलत गिरफ्तारी, अनुचित हिरासत और गलत अभियोग के मामलों में एजेंसियों को जवाबदेह बनाने की जरूरत है। उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया जाना चाहिए। एजेंसियां कानून का अपने मतलब के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकती हैं।
एएनआई के अनुसार, हाई कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सदस्य महेश जेठमलानी ने कहा कि आर्यन और अन्य के खिलाफ मामले को पूरी तरह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। इससे संदेह पैदा होता है कि आरोपियों से वसूली का प्रयास किया गया होगा।
विवादों में समीर वानखेड़े
इस मामले में एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े विवादों के घेरे में हैं। उन पर वसूली की कोशिश का आरोप लगा है। विवाद के चलते उन्हें इस केस से हटा दिया गया। वहीं, एनसीपी नेता नवाब मलिक पिछले कुछ समय से लगातार वानखेड़े के खिलाफ नए दावे व खुलासे कर रहे हैं। नवाब मलिक, समीर वानखेड़े के मुस्लिम होने का दावा कर प्रमाणपत्र सामने ला चुके हैं। उनका कहना है कि वानखेड़े ने नौकरी की खातिर आरक्षण पाने के लिए खुद को हिंदू बताया। ये मामला अब अदालत भी पहुंच चुका है।