लैपटॉप जैसे आईटी हाईवेयर उत्पादों के आयात के लिए नए लाइसेंसिंग मानदंडों में बदलाव को लेकर शुक्रवार को मोदी सरकार पर कांग्रेस ने जमकर हमला बोला है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया के जरिए पोस्ट कर मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा, तीन अगस्त 2023 को लैपटॉप और टैबलेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों के आयात के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग प्रणाली की घोषणा की गई थी। फिर 4 अगस्त, 2023 को सरकार ने तीन महीने की लंबी संक्रमण अवधि शुरू करके लाइसेंसिंग प्रणाली को स्थगित कर दिया। 13 अक्टूबर, 2023 को लैपटॉप आयात प्रतिबंधों को पूरी तरह से वापस लेने की घोषणा की गई। ये तो चक्र की तरह है। फिर घोषणा करेंगे, फिर स्थगित करेंगे और फिर वापस लेंगे।
विपक्षी दल की यह टिप्पणी सरकार द्वारा लैपटॉप और कंप्यूटर जैसे आईटी हार्डवेयर उत्पादों को आयात करने के लिए लाइसेंसिंग मानदंडों में बदलाव करने और इन वस्तुओं के आयातकों के लिए एक ऑनलाइन प्राधिकरण प्रणाली लागू करने के बाद आई है।
सरकार ने अगस्त में लैपटॉप, कंप्यूटर (टैबलेट कंप्यूटर सहित), माइक्रो कंप्यूटर, बड़े या मेनफ्रेम कंप्यूटर और कुछ डेटा प्रोसेसिंग मशीनों पर आयात प्रतिबंध लगाया था। इस अधिसूचना के बाद आईटी हार्डवेयर उद्योग ने चिंता व्यक्त की थी।
एक अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि सेक्टर के हितधारकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए नीति में कुछ बदलाव किए गए और आयातकों के लिए एक एंड-टू-एंड ऑनलाइन प्रणाली शुरू की गई।