ओडिशा सरकार के ऊर्जा विभाग में बडे़ पैमाने पर वित्तीय धांधली का कांग्रेस ने आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने इस मद्दे को लेकर सोमवार को सीएजी से ऑडिट कराने की मांग की। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शरत पटनायक ने दावा किया कि बीजद सरकार ने बिजली बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 20,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, लेकिन कोई नहीं जानता कि पैसे का क्या हुआ। उन्होंने कहा, सरकार राज्य में बिजली वितरण क्षेत्र में काम करने वाली एक निजी कंपनी को 15,000 करोड़ रुपये आवंटित करने की योजना बना रही है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय पटनायक ने कहा कि बिजली बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इतनी बड़ी राशि के आवंटन के बावजूद 2017-18 और 2020-21 के बीच कुल तकनीकी और वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानि 22 प्रतिशत थी। गुजरात में एटीएंडसी घाटा 13 फीसदी था, जबकि छत्तीसगढ़ में यह 18 फीसदी था। अगर एटीएंडसी घाटा तीन साल तक समान रहा, तो यह पैसा कहां गया। अतिरिक्त राशि क्यों आवंटित की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने ऊर्जा विभाग में वित्तीय धांधली का आरोप लगाते हुए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से ऑडिट कराने की मांग की।
बीजद के वरिष्ठ नेता अमर सत्पथी ने कहा कि यह क्षेत्र ओडिशा राज्य विद्युत नियामक आयोग (ओईआरसी) द्वारा विनियमित है और यदि कांग्रेस के पास कोई विशिष्ट आरोप है, तो उन्हें सबूत के साथ सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा, पार्टी ने केवल राजनीतिक फायदे के लिए सरकार पर ऐसे आरोप लगाए हैं।