वायुसेना कमांडरों के सम्मेलन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि थियेटर कमान बनने से तीनों सशस्त्र बलों के बीच समन्वय बढ़ेगा। यह एक महत्वाकांक्षी योजना है और इसका लाभ तीनों सेनाओं को होगा।
राजनाथ ने यह भी कहा, युद्ध के मैदान में वायुसेना अहम भूमिका निभाती आई है। आगे इसकी ताकत और बढ़ानी होगी। थियेटर कमान गठित करने के काम में सभी हितधारकों की सलाह को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने सीमाओं के मौजूदा हालात पर कहा कि सशस्त्र बलों को कम समय के अंदर बड़े मोर्चों के लिए तैयार रहने की जरूरत है। ऐसी स्थितियों में थियेटर कमान अहम भूमिका निभाएगी।
वायुसेना हमेशा से मोर्चों के लिए तैयार रही है। किसी भी मुश्किल घड़ी में समय रहते वायुसेना के जवान मोर्चे पर जुट जाते हैं और पेशेवर ढंग से जंग में फतह हासिल करते हैं। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में वायुसेना के कमांडर चीन और पाकिस्तान के साथ सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों की व्यापक समीक्षा करेंगे।
इस दौरान वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल वीआर चौधरी ने रक्षामंत्री को वायुसेना की परिचालन तैयारियों के बारे में जानकारी दी। राजनाथ ने कहा, 'भविष्य के संघर्षों में भारतीय वायुसेना की भूमिका महत्वपूर्ण है। उसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीनी प्रशिक्षण आदि से अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की जरूरत है।'
मेक इन इंडिया से हो रहा सैन्य उपकरणों का स्वदेशीकरण
रक्षामंत्री ने 'मेक इन इंडिया' पहल के माध्यम से सैन्य उपकरणों के स्वदेशीकरण के क्षेत्र में प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा, हल्के लड़ाकू विमान तेजस एमके 1ए और सी-295 परिवहन विमानों के ऑर्डर स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेंगे। भारत ने सितंबर में एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ 56 सी-295 परिवहन विमानों की खरीदी के लिए करीब 20,000 करोड़ रुपये का करार किया है। ये विमान भारतीय वायु सेना के एवरो-748 विमानों की जगह लेंगे।