विजयेंद्र ने सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की। दरअसल, स्नेहमयी कृष्णा की शिकायत पर ही लोकायुक्त पुलिस ने सीएम सिद्धारमैया, उनकी पत्नी और अन्य दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
कर्नाटक भाजपा प्रमुख बीवाई विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती बीएम पर निशाना साधा। उन्होंने पार्वती के मुडा द्वारा आवंतन साइटों को वापस करने वाले फैसले को मुडा घोटाले में उनकी संलिप्तता की स्वीकृति के समान बताया। भाजपा नेता ने सीएम सिद्धामैया से तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने पार्वती के इस फैसले को राजनीतिक नाटक बताया। बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि ऐसा करके सीएम की पत्नी कानूनी अड़चनों से बच रही हैं।
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भाजपा नेता बीवाई विजयेंद्र ने कहा, "इस्तीफा देने से पहले सिद्धारमैया को राज्यपाल थावरचंद गहलोत से माफी मांगनी चाहिए। सिद्धारमैया ने राज्यपाल पर केंद्र के हाथों की कठपुटली की तरह काम करने का आरोप लगाया था।" विजयेंद्र ने सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की। दरअसल, स्नेहमयी कृष्णा की शिकायत पर ही लोकायुक्त पुलिस ने सीएम सिद्धारमैया, उनकी पत्नी और अन्य दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) द्वारा पार्वती बीएम को 14 साइटों के आवंटन में अनियमितताओं को लेकर सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ पुलिस की एफआईआर के समान प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके कुछ ही घंटों बाद सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती बीएम ने एक चिट्ठी में मुडा द्वारा उन्हें आवंतन साइटों को वापस करने की इच्छा व्यक्त की।
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क्या है मुडा घोटाला?
मुडा शहरी विकास के दौरान अपनी जमीन खोने वाले लोगों के लिए एक योजना लेकर आई थी। 50:50 नाम की इस योजना में जमीन खोने वाले लोग विकसित भूमि के 50% के हकदार होते थे। यह योजना 2009 में पहली बार लागू की गई थी। जिसे 2020 में उस वक्त की भाजपा सरकार ने बंद कर दिया। सरकार द्वारा योजना को बंद करने के बाद भी मुडा ने 50:50 योजना के तहत जमीनों का अधिग्रहण और आवंटन जारी रखा। सारा विवाद इसी से जुड़ा है। आरोप है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को इसी के तहत लाभ पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री की पत्नी की 3 एकड़ और 16 गुंटा भूमि मुडा द्वारा अधिग्रहित की गई। इसके बदले में एक महंगे इलाके में 14 साइटें आवंटित की गईं। मैसूर के बाहरी इलाके में यह जमीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को उनके भाई मल्लिकार्जुन स्वामी ने 2010 में उपहार स्वरूप दी थी। आरोप है कि मुडा ने इस जमीन का अधिग्रहण किए बिना ही देवनूर तृतीय चरण की योजना विकसित कर दी।