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विदाई: सेवानिवृत्त हुए न्यायाधीश नरीमन, सीजेआई बोले- खो रहा हूं न्यायिक संस्थान की रक्षा करने वाला एक शेर

Thu, 12 Aug 2021 04:34 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीजेआई ने कहा कि न्यायाधीश नरीमन समकालीन न्यायिक प्रणाली के मजबूत स्तंभों में से एक है। आश्चर्य है कि क्या किसी व्यक्ति की उम्र सेवानिवृत्ति के कार्यकाल और समय को तय करने के लिए उपयुक्त पैमाना है।
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जस्टिस रमन्ना - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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न्यायाधीश आरएफ नरीमन के विदाई समारोह में गुरुवार को देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जस्टिस नरीमन अपनी विद्वता, स्पष्टता और विद्वतापूर्ण कार्य के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने 7 साल के कार्यकाल में 13,565 केस सुने हैं। मुझे ऐसा लग रहा है कि उनके सेवानिवृत्त होने के साथ ही मैंने न्यायिक संस्थान की रक्षा करने वाले एक शेर को खो दिया है। उन्होंने कहा कि श्रेया सिंघल मामले में न्यायमूर्ति नरीमन के फैसले ने कानूनी न्यायशास्त्र पर एक अमिट छाप छोड़ी है, जिसके तहत आईटी अधिनियम की धारा 66-ए को रद्द कर दिया गया था। उनके अन्य फैसलों में एलजीबीटी अधिकार, निजता को मौलिक अधिकार, तीन तलाक समाप्त करने का फैसला भी शामिल है।
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सीजेआई ने कहा कि न्यायाधीश नरीमन समकालीन न्यायिक प्रणाली के मजबूत स्तंभों में से एक है। वह सिद्धांतों के व्यक्ति हैं और जो सही है उसके लिए प्रतिबद्ध हैं। भाई नरीमन जैसे दिग्गज कानूनी कौशल के भंडार हैं। आश्चर्य है कि क्या किसी व्यक्ति की उम्र सेवानिवृत्ति के कार्यकाल और समय को तय करने के लिए उपयुक्त पैमाना है।

मुख्य न्यायाधीश ने उनकी शैक्षणिक और कानूनी यात्रा के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि जस्टिस नरीमन ने 7 जुलाई 2014 को सीधे बार से सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने से पहले लगभग 35 वर्षों तक कानून की प्रैक्टिस की और उन्होंने लगभग 13,565 मामलों का निपटारा किया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं इस संदर्भ को केवल एक पंक्ति के साथ समाप्त कर सकता हूं कि भाई नरीमन की सेवानिवृत्ति के साथ मुझे लगता है कि मैं न्यायिक संस्थान की रक्षा करने वाले शेरों में से एक को खो रहा हूं।'
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10 न्यायाधीशों की जगह खाली

न्यायमूर्ति नरीमन के रिटायरमेंट के बाद सर्वोच्च न्यायालय में स्वीकृत 34 न्यायाधीशों के मुकाबले केवल 25 न्यायाधीश होंगे। इसके साथ ही न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा 19 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में रिक्तियों की संख्या 10 पर पहुंच जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में आखिरी नियुक्ति सितंबर 2019 में हुई थी और सबसे पहली रिक्ति नवंबर 2019 में आई थी, जब पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई रिटायर हुए थे। इस हफ्ते जस्टिस नागेश्वर राव कॉलेजियम में जस्टिस नरीमन की जगह लेंगे।
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