- अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को मिलेगा लाभ।
- इन देशों के छह धर्म के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिलने का रास्ता खुला।
- ये छह धर्म हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी हैं।
इन शर्तों को पूरा करना होगा
- जिस तारीख से आवेदन करना है, उससे पहले 12 महीनों से भारत में रहना होगा।
- कम से कम छह साल भारत में बिताना जरूरी।
इन राज्यों में कानून लागू नहीं
संविधान की छठी अनुसूची में शामिल राज्य व आदिवासी क्षेत्रों में नागरिकता संशोधन कानून लागू नहीं होगा। ये प्रावधान बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन, 1873 के तहत अधिसूचित ‘इनर लाइन’ क्षेत्रों पर भी लागू नहीं होंगे।
- असम : कारबी आंगलोंग जिला, बोडोलैंड, नार्थ चाछर हिल्स जिला
- मेघालय : खासी हिल्स, जयंतिया हिल्स और गारो हिल्स जिले
- मेघालय में सिर्फ शिलॉन्ग को छोड़कर बाकी क्षेत्रों में कानून लागू नहीं होगा
- त्रिपुरा के आदिवासी जिले
- मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड