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लोजपा में टूट: भाजपा की चुप्पी से चिराग आहत, कहा- संबंध एकतरफा नहीं रह सकते

Wed, 23 Jun 2021 03:23 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो/ एजेंसी, पटना/ नई दिल्ली

सार

  • लोजपा में टूट के बाद चिराग पासवान भी पूरी तरह टूट चुके हैं। ऐसे में उन्हें भाजपा से कुछ उम्मीद थी, लेकिन इस पूरे मामले में भाजपा की चुप्पी से चिराग आहत हैं
  • चिराग पासवान ने कहा कि भाजपा के साथ उनके संबंध एकतरफा नहीं रह सकते
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दिल्ली में चिराग गुट की बैठक - फोटो : ANI
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विस्तार
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अपनी ही पार्टी में टूट की वजह से कई चुनौतियों का सामना कर रहे एलजेपी नेता चिराग पासवान ने मंगलवार को कहा कि भाजपा के साथ उनके संबंध एकतरफा नहीं रह सकते हैं। यदि उन्हें किनारे करने का प्रयास जारी रहा, तो वह अपने भविष्य के राजनीतिक कदमों को लेकर सभी संभावनाओं पर विचार करेंगे।

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उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के साथ उनके पिता रामविलास पासवान और वह हमेशा चट्टान की तरह खड़े रहे। लेकिन जब इस मुश्किल वक्त के दौरान उनके हस्तक्षेप की उम्मीद थी, तो भाजपा साथ नहीं थी। चिराग ने रेखांकित किया की पीएम मोदी पर उनका भरोसा कायम है। उन्होंने कहा, अगर आपको घेरा जाता, धक्का दिया जाता है या कोई निर्णय लेने के लिए मजबूर किया जाता है तो पार्टी सभी संभावनाओं पर विचार करेगी। लोजपा को अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में इस आधार पर फैसला लेना होगा कि कौन इसके साथ खड़ा था और कौन नहीं।

नीतीश ने बिहार की जनता के साथ धोखा किया है : चिराग
लोजपा में दो गूट होने के बाद सांसद चिराग पासवान ने ट्वीट के माध्यम से जारी चिट्ठी में कहा कि जदयू ने लोजपा को तोड़ने की कोशिश की है। इतना ही नहीं जब पिता बीमार थे तो राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक फोन करके हाल पूछते थे, लेकिन नीतीश का यह कहना कि उन्हें रामविलास के खराब स्वास्थ्य की जानकारी नहीं है, उनका अहंकार दर्शाता है।
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चिराग ने कहा कि नीतीश ने राज्यसभा नामांकन के लिए मदद मांगने तक को हमें मजबूर किया। इस बात से ताज्जुब होता है कि कैसे पार्टी से निष्कासित सांसद ऐसे व्यक्ति के साथ खड़े हो सकते हैं जिन्होंने रामविलास को ही नहीं बल्कि बिहार की जनता को धोखा दिया। नीतीश यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि कोई दलित राजनीति में आगे बढ़े।

उन्होंने कहा कि जदयू ने हमेशा लोजपा को तोड़ने की कोशिश की। चिराग ने कहा कि संघर्ष के दिनों में नीतीश कुमार ने मुझे और मेरे पिता को अपमानित किया। लेकिन, रामविलास कभी नहीं झुके। लोकसभा चुनाव के दौरान लोजपा के छह सांसदों को हराने में जदयू ने कोई कसर नहीं छोड़ी। चिराग ने कहा कि अगर पशुपति कहते तो मैं उनका नाम मंत्री बनने के लिए लोजपा की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखता। चिराग ने कहा कि अगर पशुपति कहते तो मैं उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समक्ष रखता। लेकिन चाचा ने मुझे धोखा दिया। भाई और पार्टी के अन्य सांसदों ने मेरी पीठ में खंजर घोपने का काम किया है।

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