पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली में हैं और उनके दिल्ली दौरे से सियासी गतिविधियां तेज है। उन्होंने आज राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। जबकि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की अटकलों के बीच वे बुधवार शाम को गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले थे। अमरिंदर सिंह और अजीत डोभाल की मुलाकात को लेकर चर्चा इसलिए तेज है और इसे काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पूर्व सीएम ने हाल ही में नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान के साथ कनेक्शन पर सवाल खड़े किए थे।
पंजाब की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता बताई
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि नवजोत सिंह सिद्धू का पंजाब में बड़े पद पर होना ठीक नहीं है, क्योंकि उनकी इमरान खान और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख कमर बाजवा से दोस्ती है। इन्हीं कड़ियों को जोड़कर डोभाल से कैप्टन की मुलाकात के कई सियासी मायने लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पंजाब की सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर खास जानकारियों के साथ डोभाल से चर्चा करने पहुंचे थे। जिसमें सबसे अहम था राज्य में मची राजनीतिक उठापठक के बीच पंजाब की आंतरिक सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता से डोभाल को अवगत कराना।
सूत्रों का कहना है कि पंजाब की सीमा चूंकि पाकिस्तान से मिलती है, संभवत: पूर्व सीएम की एनएसए से सीमापार से होने वाली आंतकवादी गतिविधियों के मद्देनजर पंजाब की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में बातचीत हुई हो। जिसमें शायद पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख कमर बाजवा का भी जिक्र आया है।
सिद्धू पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की भी कोशिश
गौरतलब है कि कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद से ही अमरिंदर सिंह पंजाब की सुरक्षा से लेकर नवजोत सिंह सिद्धू की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। अमरिंदर ने नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को शुभकामनाएं देने के बाद उनके साथ भी पंजाब की सीमा को सुरक्षित रखने का मुद्दा छेड़ दिया था। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि नए मुख्यमंत्री सीमा पार से बढ़ते सुरक्षा खतरे से हमारे लोगों की रक्षा करने में समर्थ हैं। यहां भी कैप्टन का इशारा सिद्धू की तरफ ही था। इसलिए माना जा रहा है कि इस मुलाकात के जरिए कैप्टन ने सिद्धू पर एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की है ताकि अपने ‘सियासी दुश्मन’ पर वार करके उन्हें बैकफुट पर लाने की कोशिश हो।
ये कनेक्शन क्या कहलाता है-कल भाजपा ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया था
भाजपा भी बार-बार कैप्टन की वही बात उठा रही है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिद्धू को सूबे को मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहिए। इसी मुद्दे पर बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि हम सभी देख रहे हैं कि पंजाब में किस प्रकार की स्थिति है। वहां जो राजनीतिक सरगर्मियां चल रही है वह वास्तविक रूप में चिंताजनक है, क्योंकि पंजाब बॉर्डर का राज्य है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पंजाब में स्थिरता रहना बहुत अनिवार्य और महत्वपूर्ण है।
भाजपा में जाने की भूमिका हो रही तैयार?
तो क्या भाजपा प्रवक्ता के इस बयान और अमरिंदर सिंह के डोभाल से हुई मुलाकात का कोई कनेक्शन है? सूत्र बताते हैं, कि बिल्कुल सीधा कनेक्शन है। राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाना और पाकिस्तान का इसमें जिक्र आना, भाजपा प्रवक्ता के कल के बयान और और अमरिंदर के पहले के बयानों में समानता है। जानकार बताते हैं कि अमरिंदर ने सीएम रहते हुए कभी सिद्धू को लेकर इस तरह की बयानबाजी नहीं की, लेकिन जैसे ही उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा वे पाकिस्तान के साथ रिश्ते को लेकर सिद्धू को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हे घेरने लगे। कैप्टन उसी भाषा में बात करने लगे जो भाजपा के राष्ट्रवाद के मापदंड में फिट बैठता है।
इसी से अटकलें लगने लगीं कि अमरिंदर भाजपा का दामन थाम सकते हैं। पंजाब की सुरक्षा को लेकर सिद्धू पर हो रहे अमरिंदर के इस हमले का सीधा कनेक्शन उनके भाजपा में जाने की तैयार हो रही भूमिका से जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने कांग्रेस छोड़ने की तो बात कह दी है लेकिन उन्होंने अभी भाजपा में जाने की बात से भी इंकार किया है।