कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ दुरुपयोग के एक मामले में सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली और फैसला सुरक्षित रख लिया। यह याचिका राहत सामग्री के कथित दुरुपयोग के मामले में सुवेंदु अधिकारी और उनके भाई से संबंधित है। अधिकारी ने अपनी याचिका में अपने खिलाफ की जा रही कार्यवाहियों पर रोक लगाने की मांग की थी।
सुवेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदु अधिकारी का नाम एक एफआईआर में दर्ज किया गया था। यह एफआईआर पूर्व मेदिनीपुर के कोंताई में राहत सामग्री के कथित दुरुपयोग को लेकर दर्ज की गई थी। इसके विरोध में अधिकारी ने हाईकोर्ट का रुख किया था। न्यायाधीश कौशिक चंदा ने राज्य सरकार और सुवेंदु अधिकारी, दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
अधिकारी के वकील ने दावा किया कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं और ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वह विपक्षी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे और उन्हें राज्य विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि एक समय में तृणमूल कांग्रेस में महत्वपूर्ण रितबा रखने वाले सुवेंदु अधिकारी बीते विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गए थे।