भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीेएसएफ ने सोने की एक बड़ी तस्करी को नाकाम करते हुए 1,27 करोड़ रुपए के 2054.110 ग्राम वजन के विभिन्न आकार के 17 सोने के टुकड़ों के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। जब तस्कर इन सोने के टुकड़ों को ट्रक के केबिन में छुपा कर बांग्लादेश से भारत लाने की कोशिश कर रहा था। जब्त सोने के टुकड़ों की अनुमानित कीमत 1,27,56,023 रुपए है। गिरफ्तार ट्रक चालक की पहचान अब्दुल जोहाब मलिक जिला-उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है।
बीएसएफ के उच्चाधिकारियों ने इस उपलब्धि पर जवानों की सराहना की। बीएसएफ के दक्षिण बंगाल सीमान्त के जनसंपर्क अधिकारी, डीआईजी एके आर्य ने बताया कि रविवार को दक्षिण बंगाल सीमांत के अंतर्गत आईसीपी पेट्रापोल ( जिला उत्तर 24 परगना), 145वीं वाहिनी, सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने सोने की संभावित तस्करी की जानकारी मिली थी। इनपुट के आधार पर जवानों ने एक खाली ट्रक को रोका। प्रारंभिक जांच के बाद, संदिग्ध ट्रक को गहन तलाशी के लिए आईसीपी पेट्रापोल के पार्किंग क्षेत्र के अंदर लाया गया।
गहन तलाशी के दौरान, ड्राइवर सीट के पीछे ऊपरी केबिन से 17 सोने के टुकड़े, जिसमे सोने के 8 बिस्कुट, 4 टुकड़े विकृत आकार के सोने के क्यूब और 5 अलग-अलग आकार की सोने की छोटी छड़ें बरामद की। यह ड्राइवर की सीट के पीछे ऊपरी केबिन में पारदर्शी टेप में लपेटकर छुपाया गया था। इसके बाद, ट्रक के चालक को गिरफ्तार कर और ट्रक सहित सोना मौके पर ही जब्त कर लिया गया। तस्कर की पहचान अब्दुल जोहाब मलिक गांव-खालितपुर, जिला-उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है।
आर्य ने बताया कि पूछताछ के दौरान, तस्कर ने खुलासा किया कि वह एक भारत का नागरिक है और पेशे से ट्रक ड्राइवर का काम करता है। वह पिछले कुछ दिनों से सोने की तस्करी में लिप्त है। उसे 25-26 नवंबर की मध्यरात्रि को लगभग नौ बजे, बांग्लादेशी नागरिक आशिक मंडल निवासी बेनापोल, पीएस-बेनापोल, जिला-जेसोर, बांग्लादेश उसके पास आया और 17 सोने के टुकड़े दिए जो पारदर्शी टेप में लपेटे हुए थे। खेप प्राप्त करने के बाद, उसने सोने की खेप को ड्राइवर की सीट के पीछे ऊपरी केबिन के अंदर छिपा दिया। उसने यह भी खुलासा किया कि भारत में इस खेप को बनगांव में किसी अज्ञात आदमी को सौंपना था। इस काम के लिए उसको 10,000 रुपए मिलने थे। लेकिन चेकिंग के दौरान बीएसएफ के जवानों ने सोने के साथ पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति और जब्त सोने को कस्टम विभाग, पेट्रापोल को सौंप दिया गया है।
डीआईजी आर्य ने जवानों की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुख्यात तस्कर गरीब और भोले-भाले लोगों को कम पैसों का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। कुख्यात तस्करों का गिरोह सीधे तौर पर तस्करी जैसे अपराधों में शामिल नहीं होता, इसलिए वे गरीब लोगों को निशाना बनाते हैं।