तेलंगाना के अखबारों में कांग्रेस की कर्नाटक सरकार के विज्ञापनों को लेकर रार छिड़ गई है। इसी बीच, चुनाव आयोग ने कर्नाटक सरकार से जवाब मागां है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, हमारा उद्देश्य उपलब्धियों को जनता को बताना था, वोट मांगना नहीं।
तेलंगाना के अखबारों में विज्ञापनों पर चुनाव आयोग ने कर्नाटक सरकार से जवाब मांगा है। मामले पर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, राज्य सरकार के विज्ञापन किसी भी नियमों का उल्लंघन नहीं करता है, विज्ञापन के जरिए वोट नहीं मांगा गया। उन्होंने कहा, सरकार चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब देगी।
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बता दें भाजपा ने सोमवार को इस मामले में चुनाव आयोग में शिकायत की थी, जिसमें कांग्रेस पर आऱोप लगाया गया था कि कर्नाटक सरकार के जरिए 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा को ध्यान में रखते हुए तेलंगाना की अखबारों में विज्ञापन दिया था। भाजपा ने चुनाव आयोग से कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
डीके शिवकुमार बोले, विपक्ष के आरोप बेबुनियादी
मामले पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, विज्ञापन का एकमात्र उद्देश्य था कि कर्नाटक सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचा था। विपक्षी दलों के आरोप बेबुनियादी थे। उन्होंने चुनाव आयोग के नोटिस प जवाब देते हुए कहा, हमने कोई उल्लंघन नहीं किया है, न ही हमने कोई वोट मांगे है। मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा है कि हमने क्या उल्लंघन कर दिया।
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पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, हमने जो भी काम किए हैं, उसे हमने जनता के साथ साझा किया। अखबारों के पाठकों को इससे कोई समस्या नहीं है। आप सारे विज्ञापनों की जांच कर सकते हैं हमने किसी में भी वोट की अपील नहीं की है। बता दें तेलंगान के सत्तारूढ़ दल बीआरएस ने भी इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से शिकायत की थी।