ब्राजील के राष्ट्रपति सिल्वा ने कहा कि उनका देश चाहता है कि उसकी अध्यक्षता के दौरान समानता का मुद्दा 'मुख्य मुद्दा' हो। प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'जी-20 की मेजबानी करना ब्राजील की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हम चाहते हैं कि अगले जी-20 में समानता का मुद्दा मुख्य मुद्दा हो। बहुत असमानता है और दुनिया को धन वितरण के मामले में अधिक संतुलन की आवश्यकता है।'
उन्होंने कहा, 'मैं भारत को सुव्यवस्थित जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए बधाई देना चाहता हूं। ब्राजील इस आकार के आयोजन की मेजबानी करने में सक्षम है। भारत की तरह हम कार्यक्रमों के लिए कई शहरों का इस्तेमाल करेंगे और इसे लोगों का जी-20, अधिक लोकतांत्रिक जी-20 बनाएंगे।' लूला ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यहां जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा क्यों नहीं लिया लेकिन उन्हें ब्राजील शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा और उन्हें उम्मीद है कि वे आएंगे।
उन्होंने विश्व बैंक जैसे वैश्विक वित्तीय संस्थानों में सुधार का आह्वान किया ताकि इसे विकासशील देशों का अधिक प्रतिनिधित्व करने वाला बनाया जा सके। ब्राजील के राष्ट्रपति ने यूएनएससी की स्थायी सदस्यता में सुधार और विस्तार का भी आह्वान किया, ताकि इससे 2024 की भौगोलिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित किया जा सके।
बाद में एक्स पर एक पोस्ट में लूला ने शनिवार को स्वीकार किए गए दिल्ली घोषणापत्र में यूक्रेन मुद्दे पर आम सहमति पर पहुंचने की सराहना की। उन्होंने कहा कि जी-20 की बैठक में वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। उन्होंने कहा, ब्राजील इस खंड में अग्रणी है। यह हमारे भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दुनिया जलवायु संकट को गहरा करने वाले प्रदूषणकारी ईंधन को बदलने के लिए जैव ईंधन के महत्व को देख रही है।