महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में सीट बंटवारे को लेकर मंथन शुरू हो गया है। एमवीए में शामिल दलों में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा चल रही है। शुक्रवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में शिवसेना के योगदान को भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र में कांग्रेस नेता मानते हैं कि वे गठबंधन में बड़े भाई हैं, तो शिवसेना की भूमिका को भूलना भी सही नहीं है।
राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सीटें बढ़ीं क्योंकि उसने गठबंधन सहयोगी के लिए अपनी सीटें छोड़ दीं। कांग्रेस को अपनी सीटें बढ़ाने में शिवसेना (यूबीटी) के योगदान का अध्ययन करने की जरूरत है। राउत ने कहा कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में कोल्हापुर, रामटेक और अमरावती सीट जीती, जो उसे शिवसेना ने दी थी। हमारी वजह से उनकी तीन सीटें बढ़ीं। अगर वे इसे भूल गए हैं तो यह उचित नहीं है।
वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट ने राउत के बयान को लेकर कहा कि एमवीए में सीटों की संख्या एक-दूसरे के कारण बढ़ी है। हम एमवीए मंच पर इस पर चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत भरोसा है कि अगला मुख्यमंत्री कांग्रेस से होगा।
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने राउत के दावे को खारिज करते हुए कहा कि शिवसेना नेता पर ध्यान देने की कोई जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री पद का फैसला चुनाव के बाद वरिष्ठ नेता करेंगे। एमवीए आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ेगा और सीट बंटवारे को लेकर कोई असहमति नहीं है।
एनसीपी (शरद) के नेता जितेंद्र अवध ने कहा कि एमवीए सहयोगियों को चुनाव से पहले सीएम पद के बारे में बात करने से बचना चाहिए। वहीं विधानसभा चुनाव को लेकर महाविकास अघाड़ी गठबंधन में कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मुस्लिमों के लिए 24 सीटें मांगी हैं।
कुछ दिनों पहले एनसीपी (शरद) के प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि विधानसभा चुनाव से पहले सीएम चेहरा घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है। सीएम उम्मीदवार का फैसला इस आधार पर किया जाएगा कि गठबंधन में कौन सी पार्टी सबसे ज्यादा सीटें जीतती है। जबकि शिवसेना (उद्धव) विपक्षी गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में उद्धव ठाकरे की वकालत कर रही है। ठाकरे ने यह भी कहा कि वह कांग्रेस और राकांपा (सपा) द्वारा चुने गए किसी भी सीएम उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।
महाविकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन में शिवसेना (उद्धव) और कांग्रेस के अलावा शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) शामिल है। गठबंधन ने 48 लोकसभा सीटों में से 31 पर जीत हासिल की, जबकि सत्तारूढ़ महायुति केवल 17 सीटें हासिल करने में सफल रही।