बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के पासपोर्ट के नवीनीकरण से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने गीतकार जावेद अख्तर की दखल याचिका को सुनने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने अख्तर से पूछा, आप इस मामले में हस्तक्षेप करने का हक कैसे रखते है?
जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जामदार की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान जावेद अख्तर के वकील वीरेंद्र ग्रोवर ने कहा, मैंने कंगना रनौत के खिलाफ अंधेरी कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत की है, जिस पर कोर्ट की कार्यवाही जारी है। पासपोर्ट नवीनीकरण मामले में अदालत के साथ धोखाधड़ी की गई है। कंगना ने पासपोर्ट पर आदेश हासिल करने के लिए कोर्ट को गुमराह किया है।
इस पर पीठ ने वकील से कहा, कंगना ने मामला रद्द करने के लिए जो याचिका दी है उसमें अख्तर पक्षकार नहीं है। पीठ ने कहा, यदि ऐसे लोगों को किसी मामले में हस्तक्षेप करने की छूट दी गई तो कोर्ट में मामलों की बाढ़ आ जाएगी।
इसलिए हम किसी ऐसे व्यक्ति की हस्तक्षेप याचिका पर विचार नहीं कर रहे हैं, जो शिकायतकर्ता नहीं है। खंडपीठ ने अख्तर के वकील से कहा कि वे इस मामले में शिकायतकर्ता या फिर सरकारी वकील से संपर्क करे।
कॉपीराईट से जुड़े मामले में 11 अगस्त को सुनवाई
खंडपीठ कंगना की कॉपीराइट के मामले को रद्द करने से जुड़ी याचिका पर 11 अगस्त को सुनवाई करेगी। इस बीच कोर्ट में पासपोर्ट नवीनीकरण मामले को लेकर एक और आवेदन दायर हुआ है, जिसमें कंगना पर पासपोर्ट के लिए दिए शपथपत्र में झूठ बोलने का आरोप लगाया गया है।
कंगना पर दिद्दा, वॉरियर क्वीन ऑफ कश्मीर के लेखक की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि कंगना ने उनकी सहमति के बिना किताब के आधार पर फिल्म बनाने की घोषणा कर दी है।