पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल टीएमसी और भाजपा आमने-सामने है। भाजपा कार्यकर्ता की मौत के बाद से ही जमकर बवाल हो रहा है। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में बुधवार को भाजपा कार्यकर्ता का फांसी पर लटका शव मिला। जिसके बाद से भाजपा ने टीएमसी पर आरोप लगाया और सीबीआई जांच की मांग की।
हालांकि टीएमसी ने भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। साथ ही पुलिस जांच के नतीजे का इंतजार करने की जरूरत पर जोर दिया। मृतक की पहचान भाजपा कार्यकर्ता सुभदीप मिश्रा के रूप में हुई है। बता दें कार्यकर्ता का शव निधिरापुर गांव में एक पेड़ से हाथ बंधे हुए लटका हुआ पाया गया था। पुलिस ने जब घटनास्थल पर पहुंची तो स्थानीय निवासियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस अधिकारी ने मुताबिक, हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सभी पहलुओं की जांच करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने मिश्रा की हत्या की। 2023 के पंचायत चुनावों में निधिरामपुर से भाजपा के उम्मीदवार थे। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर थे और उनकी लोकप्रियता बढ़ रही थी। ये हैं कारण उन्हें टीएमसी ने निशाना बनाया था।
टीएमसी मंत्री शशि पांजा ने कहा, स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों ने खुद ही मौत में व्यक्तिगत पहलू की बात की है। हालांकि, भाजपा राजनीतिक मुद्दे उठाने में अधिक रुचि रखती है। पुलिस अपनी जांच करेगी।