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BJP vs Rahul: राहुल के बयान पर भाजपा हमलावर, रविशंकर बोले- एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के खिलाफ हैं कांग्रेस

Tue, 10 Sep 2024 09:06 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी संविधान को बचाने की वकालत करते हैं और दावा करते हैं कि जब स्थितियां निष्पक्ष होंगी तो उनकी पार्टी आरक्षण को खत्म कर देगी।
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रविशंकर प्रसाद, राहुल गांधी - फोटो : ANI
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विस्तार
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राहुल गांधी के अमेरिका के जॉर्जटाउन विवि में दिए गए भाषण को लेकर भाजपा ने हमला बोला। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के खिलाफ हैं। अमेरिका में उनकी यह विचारधारा सामने आ गई।

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प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी संविधान को बचाने की वकालत करते हैं और दावा करते हैं कि जब स्थितियां निष्पक्ष होंगी तो उनकी पार्टी आरक्षण को खत्म कर देगी।  पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिका में यह साफ हो गया है कि आरक्षण के खिलाफ राहुल गांधी की विचारधारा काफी अधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता का संविधान बचाने और आरक्षण बचाने का अभियान एक ढोंग के अलावा और कुछ नहीं है। 

प्रसाद ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी भी अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सदस्यों को आरक्षण प्रदान करने के खिलाफ थे। आरक्षण का विरोध राहुल गांधी की विरासत है।  
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प्रसाद ने विपक्षी गठबंधन इंडिया पर भी निशाना साधा। साथ ही डीएमके नेता एमके स्टालिन, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और वाम दलों के नेताओं से गांधी की टिप्पणी पर अपनी चुप्पी तोड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि मैं चेतावनी देना चाहता हूं कि अगर कांग्रेस ने आरक्षण के प्रावधान के साथ कोई छेड़छाड़ करने या इसे खत्म करने की कोशिश की तो भाजपा इसका पुरजोर विरोध करेगी।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि जब भारत निष्पक्ष देश होगा, तब कांग्रेस पार्टी आरक्षण खत्म करने के बारे में सोचेगी, जो अभी नहीं है। राहुत गांधी ने यह टिप्पणी वाशिंगटन डीसी के प्रतिष्ठित जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में छात्रों से बात करते हुए की थी। उन्होंने कहा था कि जब आप वित्तीय आंकड़ों को देखेंगे, तो आदिवासियों को 100 रुपये में से 10 पैसे मिलते हैं। दलितों को 100 रुपये में से 5 रुपये मिलते हैं और ओबीसी को भी लगभग इतने ही पैसे मिलते हैं। असलियत यह है कि उन्हें भागीदारी नहीं मिल रही है।
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