कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेरिका के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने डलास के टेक्सास विश्वविद्यालय में छात्रों से बातचीत की। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भारत में रोजगार की समस्या है।
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों अमेरिका के दौरे पर है, जहां भारतीय समुदाय के छात्रों से बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम में रोजगार की समस्या है। भारत में रोजगार की समस्या है। लेकिन दुनिया के कई देशों में रोजगार की समस्या नहीं है। चीन में निश्चित रूप से रोजगार की समस्या नहीं है। वियतनाम में रोजगार की समस्या नहीं है। इस सबके पीछे एक कारण है।
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राहुल गांधी पर बरसे गिरिराज सिंह
वहीं राहुल गांधी के इस बयान पर भाजपा नेताओं की तरफ से जमकर निशाना साधा गया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे भारत की तारीफ करने की बजाय वो विदेश जाकर भारत को गाली दे रहे हैं और चीन की तारीफ कर रहे हैं, दुश्मन देश की तारीफ कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वो चीन के पैसों पर पल रहे हैं और विदेश जाकर चीन की ब्रांडिंग कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए जो भारत से बाहर जाकर भारत की आलोचना करते हैं।
RSS पर राहुल की टिप्पणी, गिरिराज का जवाब
केंद्रीय मंत्री ने आरएसएस पर राहुल गांधी की टिप्पणी पर कहा, कि अगर उनकी दादी के पास जाकर उनसे आरएसएस की भूमिका के बारे में पूछने की कोई तकनीक है, तो जाकर पूछें या इतिहास के पन्नों में देखें। आरएसएस के बारे में जानने के लिए राहुल गांधी को कई जन्म लेने होंगे। एक देशद्रोही आरएसएस को नहीं जान सकता। जो लोग विदेश में जाकर देश की आलोचना करते हैं, वे आरएसएस को नहीं जान सकते। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी केवल भारत को बदनाम करने के लिए विदेश जाते हैं। राहुल गांधी इस जन्म में आरएसएस को नहीं समझ पाएंगे।
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'राहुल को भारत का अपमान करने की आदत है'
इधर बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी भारत में रोजगार की समस्या वाले बयान को लेकर उनपर निशाना साधा है। प्रदीप भंडारी ने कहा, "राहुल गांधी चीन के पक्ष में बोलने के लिए इतने उत्सुक हैं और उन्हें भारत का अपमान करने की आदत है। दुनिया जानती है कि अगस्त 2024 तक चीन में 17% युवा बेरोजगारी दर है। तो, सवाल यह है कि - क्या यह सच है? चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ अपने MoU के कारण वह हमेशा चीन के पक्ष में बोलते हैं और भारत के पक्ष में नहीं बोलते?