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MP Election 2023: भाजपा में भी करीबियों को टिकट दिलाने में कामयाब रहे सिंधिया, जानिए मैदान में कितने समर्थक?

सार

MP Election 2023: भाजपा ने सिंधिया समर्थक और भिंड की मेहगांव सीट से मौजूदा विधायक व राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया का टिकट काट दिया है। उनकी जगह पूर्व विधायक राकेश शुक्ला को प्रत्याशी बनाया गया है।
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भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने पांचवी सूची जारी कर दी है। इस सूची में कोई चौंकाने वाला नाम नहीं है। इस लिस्ट में सबकी नजरें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर थी। लेकिन, उनका नाम इसमें भी शामिल नहीं था। हालांकि, सिंधिया गुना-शिवपुरी संसदीय सीट की 8 विधानसभा सीटों में से बमोरी, अशोकनगर, मुंगावली और कोलारस समेत चार सीट पर अपने समर्थक नेताओं को टिकट दिलाने में कामयाब रहे। ग्वालियर-चंबल संभाग, मालवा, निमाड़ आदि मध्यप्रदेश के दूसरे हिस्से को भी मिला दें तो सिंधिया समर्थक 28 मंत्री-विधायकों में से 22 को भाजपा ने टिकट दे दिया है।

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ओपीएस भदौरिया का टिकट कटा 
पार्टी ने सिंधिया समर्थक और भिंड की मेहगांव सीट से मौजूदा विधायक और नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया का टिकट काट दिया है। उनकी जगह पूर्व विधायक राकेश शुक्ला को प्रत्याशी बनाया गया है। 2018 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर ओपीएस भदौरिया ने भाजपा प्रत्याशी राकेश शुक्ला को 25,814 वोटो से हराया था। बाद में ओपीएस भदौरिया सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।



दो सीटों को भाजपा ने किया होल्ड
भाजपा ने केवल दो सीटों को होल्ड पर रखा है। ये विदिशा और गुना सीट है। गुना सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित है और विदिशा सामान्य सीट है। सूत्रों के अनुसार गुना की आरक्षित सीट के लिए भी सिंधिया लॉबिंग कर रहे हैं। सिंधिया यहां अपने समर्थक नेता नीरज निगम को टिकट दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि विदिशा सीट से तीन नेता दावेदारी कर रहे है। पूर्व वित्त मंत्री राघवजी की बेटी ज्योति शाह जो पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हैं। इसके अलावा भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष तोरण सिंह दांगी भी इस सीट से दावेदारी कर रहे है। विदिशा सीट पर दांगी वोटर निर्णायक हैं।
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जबकि तीसरे और प्रबल दावेदार हैं मुकेश टंडन जो खुद 2018 में चुनाव लड़कर हार चुके हैं और सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेहद करीबी माने जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस सीट पर आरएसएस ने अपने नाम भी भेजा है। भाजपा गढ़ कहे जाने वाली विदिशा सीट पर 2018 में 46 साल बाद कांग्रेस ने कब्जा किया था। इस सीट से कांग्रेस के शशांक भार्गव जीते थे। अब पार्टी ने फिर उन्हीं पर दांव खेला है। 

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