झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने राज्य में अपने कार्यकाल के दौरान सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुछ नहीं किया। सीएम सोरेन ने यह टिप्पणी झारखंड के हजारीबाग जिले में विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर में राज्य सरकार की आवास योजना 'अबुआ आवास' के तहत अनुमोदन पत्रों को बांटने के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान की। कार्यक्रम में हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा और चतरा जिले में रहने वाले योजना के लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।
सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2000 के बाद से ज्यादातर वर्षों तक राज्य पर शासन किया, लेकिन उसने राज्य में सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब 2019 में हेमंत सोरेन सरकार सत्ता में आई, तो उसने बुनियादी ढांचे 'रोटी, कपड़ा और मकान' पर काम किया। इसके साथ ही शिक्षा पर खास जोर दिया गया।
'2027 तक कोई पक्के मकान से वंचित नहीं रहेगा'
सीएम ने कहा कि पिछली हेमंत सोरेन सरकार ने बार-बार केंद्र से घरों की मांग की। जब इसे नामंजूर कर दिया गया तो पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य निधि से लोगों को घर मुहैया कराए। चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड में 2027 तक राज्य का कोई भी गरीब बेघर या पक्के मकान से वंचित नहीं रहेंगे।
'1.13 लाख लाभार्थियों को 2026 तक घर देंगे'
एक अधिकारी ने कहा कि झारखंड के हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा और चतरा के लगभग 1.13 लाख लाभार्थियों को 2026 तक घर उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि लगभग 2.83 लाख अन्य को अगले पांच वर्षों में चार जिलों में अपने घर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी सरकार जल्द ही हजारीबाग जिले में एक डेयरी प्लांट स्थापित करेगी।
सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
चंपई सोरेन ने कहा कि महिलाओं, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लोगों को 50 साल की उम्र में पेंशन देने की पहल जल्द ही शुरू होगी। सरकार ने 100 यूनिट की जगह 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का भी फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य में गरीबों और आदिवासियों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं, क्योंकि शिक्षा के बिना कोई समाज विकसित नहीं हो सकता।