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पश्चिम बंगाल: बीजीबीएस पर श्वेत पत्र की मांग के बाद गरमाई सियासत, राज्यपाल धनकड़ और मित्रा के बीच तीखी बयानबाजी

Thu, 11 Nov 2021 08:53 AM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) पर एक श्वेत पत्र की मांग के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। राज्यपाल धनखड़ और राज्य के पूर्व वित्त मंत्री व वित्त विभाग के प्रधान मुख्य सलाहकार अमित मित्रा के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी हुई।
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amit mitra (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ द्वारा ममता बनर्जी सरकार से बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) पर एक श्वेत पत्र की मांग के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। राज्यपाल धनखड़ और राज्य के पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी हुई। राज्यपाल ने बीजीबीएस के पांच संस्करणों के परिणामस्वरूप राज्य को प्राप्त वास्तविक निवेश के बारे में एक साल पहले तत्कालीन वित्त मंत्री से मांगी गई जानकारी न उपलब्ध कराए जाने पर चिंता जताई।

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राज्य सरकार की सफलता जमीनी हकीकत से कोसों दूर- राज्यपाल
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की शानदार सफलता जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। दरअसल, राज्यपाल ने पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में कहा था कि उन्होंने पहले विभागीय सचिव और फिर वित्त मंत्री से बीजीबीएस के पांच संस्करणों की जानकारी मांगी थी, लेकिन वह नहीं मिली। इसके जवाब में मित्रा ने ट्विटर पर प्रतिक्रिया की एक प्रति पोस्ट की जो उन्होंने पिछले साल भेजी थी। बता दें कि मित्रा का वित्त मंत्री के रूप में कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो गया। उन्हें अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वित्त विभाग का प्रधान मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। 

राज्यपाल का ट्वीट 'डॉ जेकेल और मिस्टर हाइड' टाइप मामला- मित्रा
अमित मित्रा ने ट्वीट कर कहा, 'माननीय राज्यपाल का ट्वीट डॉ जेकेल और मिस्टर हाइड टाइप मामला लगता है। बीते नौ नवंबर को उन्होंने 2022 में होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए सीएम के प्लान का पुरजोर समर्थन किया था और 24 घंटे के बाद ही उनके सुर बदल गए।' बता दें कि राज्यपाल ने नौ नवंबर को मीट एंड ग्रीट इवेंट में कहा था, 'हमें यह सुनिश्चित करना है कि टकराव के लिए कोई जगह नहीं है। प्रतिकूल स्थिति के लिए कोई जगह नहीं है। केवल एक ही रास्ता, एकजुटता।' धनखड़ ने निवेश के लिए कानून का शासन, मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान अनिवार्य करार देते हुए कहा कि इन मोर्चों पर बहुत कुछ करने की जरूरत है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था, 'यह हमारा दायित्व है कि हम तथ्यों की पवित्रता रखें और केवल विज्ञापनों और बयानों के माध्यम से कार्यों का प्रदर्शन न करें।' मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में घोषणा की कि अगला बीजीबीएस अगले साल मार्च में आयोजित किया जाएगा। 2020 का शिखर सम्मेलन कोरोना महामारी के कारण आयोजित नहीं किया गया था।
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राज्यपाल भूलने की बीमारी से पीड़ित हैं- मित्रा
मित्रा ने एक और ट्वीट में कहा, मैंने शिखर सम्मेलन पर चार पेज के पत्र के साथ आधिकारिक तौर पर जवाब दिया था। कार्यान्वयन, रोजगार सृजन आदि के तहत निवेश प्रस्तावों पर डेटा प्रस्तुत किया था। क्या उन्हें भूलने की बीमारी है या उन्हें मदद की जरूरत है या यह चूक है? मित्रा ने बताया कि उन्होंने पिछले साल 24 सितंबर को राज्यपाल को व्यापार शिखर सम्मेलन के परिणाम पर चार पन्नों का लिखित जवाब दिया था। मित्रा ने यह भी कहा कि शिखर सम्मेलन की सफलता के कारण, 'राज्य की जीडीपी 2010-11 (हमारे कार्यालय आने से एक साल पहले) में 4.6 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.5 लाख करोड़ (2019-20 में) रुपये हो गई।'

क्या है डॉ जेकेल और मिस्टर हाइड का मामला?
'डॉ जेकेल और मिस्टर हाइड' स्कॉटिश लेखक रॉबर्ट लुई स्टीवेन्सन का एक गॉथिक उपन्यास है, जिसे पहली बार 1886 में प्रकाशित किया गया था। यह गेब्रियल जॉन यूटरसन नामक लंदन के एक कानूनी व्यवसायी के बारे में है, जो अपने पुराने दोस्त डॉ हेनरी जेकेल और एडवर्ड हाइड के बीच अजीब घटनाओं की जांच करता है। इसमें दोहरी चरित्र वाले व्यक्तियों का जिक्र है।

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