राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (फाइल)
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राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक चेतना और संस्कृति में रचे-बसे भगवान राम के प्रभुत्व का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के सर्वोत्तम आयामों का प्रतीक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हैं। तीन पन्नों के विस्तृत पत्र में राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जो 11 दिवसीय अनुष्ठान किया है, वह त्याग की भावना से प्रेरित सर्वोच्च आध्यात्मिक कृत्य है। उन्होंने इसे प्रभु श्रीराम के प्रति संपूर्ण समर्पण का भाव भी करार दिया।
यह ऐतिहासिक क्षण हमारी विकास यात्रा को नए उत्कर्ष पर ले जाएगा: पीएम मोदी
वहीं, राष्ट्रपति मुर्मू के पत्र के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का ऐतिहासिक क्षण भारतीय विरासत और संस्कृति को समृद्ध करेगा और देश की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। राष्ट्रपति के पत्र को रीपोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'माननीय राष्ट्रपति जी, अयोध्या धाम में राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर शुभकामनाओं के लिए आपका बहुत-बहुत आभार। मुझे विश्वास है कि यह ऐतिहासिक क्षण भारतीय विरासत एवं संस्कृति को और समृद्ध करने के साथ ही हमारी विकास यात्रा को नए उत्कर्ष पर ले जाएगा।'
भारतवासियों का सौभाग्य; नए कालचक्र की शुरुआत के साक्षी
राष्ट्रपति ने पत्र में लिखा, प्रधानमंत्री की ओर से की गई पूजा-अर्चना से भारत की अद्वितीय सभ्यता और अब तक की सांस्कृतिक यात्रा का ऐतिहासिक चरण पूरा होगा। उन्होंने कहा, राष्ट्र के पुनरुत्थान का जिक्र करते हुए कहा, यह हमारा सौभाग्य है कि हम एक नए कालचक्र की शुरुआत के साक्षी बन रहे हैं।
प्रभुश्री राम का प्रभाव; महात्मा गांधी के जीवन का जिक्र
भगवान श्रीराम के साहस, करुणा और अटूट कर्तव्यनिष्ठा जैसे गुणों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, मर्यादा पुरुषोत्तम ने जिन सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों की प्रतिष्ठा की थी। उन्हें अयोध्या के भव्य राम मंदिर के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी के जीवन पर भगवान राम के प्रभाव का भी जिक्र किया।
क्या है अयोध्या का पूरा कार्यक्रम
बता दें कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हो रहा है। 22 जनवरी को इसमें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया है कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के लिए न्यूनतम विधि-अनुष्ठान रखे गए हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा विधि दोपहर 12:20 बजे शुरू होगी। दोपहर एक बजे प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम पूरा हो जाएगा।