भारत की स्वदेशी टीका कोवाक्सिन लगाने वाले यात्री अब ऑस्ट्रेलिया की यात्रा कर सकते हैं। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भारत बायोटेक के कोवाक्सिन टीका को मंजूरी दे दी है। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त, बैरी ओ'फेरेल एओ ने सोमवार को यह जानकारी दी । हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन से कोवाक्सिन को अभी तक हरी झंडी नहीं मिली है। कंपनी ने अप्रैल में इमरजेंसी यूज लिस्टिंग के लिए आवेदन किया था।
भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवाक्सिन को अब तक वैश्विक स्तर पर मंजूरी नहीं मिली है जिसके चलते कोवाक्सिन की खुराक लेने वाले लोगों को कई देशों में यात्रा की अनुमति नहीं है। ज्यादातर देशों में उन्हीं लोगों की एंट्री हो रही है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डब्ल्यूएचओ की सूची में शामिल वैक्सीन की खुराक लगी हो। हालांकि, कुछ देश भारत के इस स्वदेशी टीके को मंजूरी दे रहे हैं।
डब्ल्यूएचओ से आपातकालीन इस्तेमाल के लिए नहीं मिली मंजूरी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तकनीकी सलाहकार समिति ने कोविड के भारतीय टीके कोवाक्सिन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने के लिए समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक के दौरान टीके को आपात इस्तेमाल की मंजूरी नहीं दी गई, बल्कि टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटेक से अतिरिक्त डाटा साझा करने के लिए कहा गया है।
पांच देशों ने दी भारतीय वैक्सीन को मंजूरी
वहीं, पांच और देशों में भारत की कोविड 19 वैक्सीन सर्टिफिकेट को मान्यता दी है। इनमें एस्टोनिया, किर्गिस्तान, फिलीस्तीन, मॉरिशस और मंगोलिया शामिल हैं।
नोवावैक्स-एसआईआई के टीके को इंडोनेशिया में आपात इस्तेमाल की मंजूरी
इस बीच नोवावैक्स इंक और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के नोवावैक्स कोरोना टीके को इंडोनेशिया में आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है। इस टीके का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट भारत में करेगा और इंडोनेशिया द्वारा इसका विपणन कोवोवैक्स ब्रांड नाम से किया जाएगा। नोवावैक्स इंक ने यह जानकारी सोमवार को दी।
टेक्सास-भारत टीका कूटनीति ने बनाया कोरोना का सबसे सस्ता टीका
भारतीय दवा कंपनी बायोलॉजिकल ई और टेक्सास चिल्ड्रंस हॉस्पिटल एवं बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन के बीच साझा वैश्विक स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे सहयोग ‘टेक्सास-भारत टीका कूटनीति’ ने कोरोना का सबसे सस्ता टीका बनाया है। इसकी कीमत 1.50 डॉलर (करीब 113 रुपये) प्रति खुराक होगी। एक शीर्ष अमेरिकी वैज्ञानिक ने यह जानकारी दी।