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ISIS: भारत में इस्लामिक स्टेट चीफ हारिस फारूकी और उसका सहयोगी गिरफ्तार; असम एसटीएफ को धुबरी में मिली सफलता

Wed, 20 Mar 2024 09:09 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धुबरी (असम)

सार

भारत में आतंकी संगठन- इस्लामिक स्टेट इराक-सीरिया (ISIS) के चीफ हारिस फारूकी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को धुबरी में यह बड़ी सफलता मिली है।
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भारत में इस्लामिक स्टेट चीफ हारिस फारूकी और उसका सहयोगी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala graphics
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विस्तार
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आतंकी साजिश पर नकेल कसने में असम पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। खबर के मुताबिक असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने धुबरी में एक कार्रवाई के दौरान आतंकी संगठन- इस्लामिक स्टेट इराक सीरिया (ISIS) की भारतीय यूनिट के प्रमुख को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दहशतगर्द की पहचान हारिस फारूकी के रूप में हुई है। खबर के मुताबिक असम पुलिस ने फारूकी के एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि बांग्लादेश की सीमा से भारत में घुसे फारूकी और उसके सहयोगी अनुगार सिंह को बुधवार को धुबरी में गिरफ्तार किया गया।

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आईएसआईएस प्रमुख के सहयोगी ने धर्म भी बदला
पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जवानों ने धुबरी के धर्मशाला इलाके में कार्रवाई की। फारूकी और अनुराग को गिरफ्तार करने के बाद असम पुलिस की एसटीएफ दोनों को गुवाहाटी मुख्यालय ले गई। हारिस फारूकी उर्फ हरीश अजमल फारुकी उत्तराखंड के देहरादून में चकराता इलाके का रहने वाला है। यह भारत में इस्लामिक स्टेट का प्रमुख है। पुलिस के मुताबिक हरियाणा के पानीपत में रहने वाला अनुराग उर्फ रेहान ने इस्लाम धर्म अपना लिया था। उसकी पत्नी बांग्लादेशी नागरिक है। असम पुलिस की एसटीएफ का दावा है कि दोनों भारत में आईएसआईएस के बेहद प्रशिक्षित और सक्रिय सदस्य हैं।

NIA को सौंपे जाएंगे दोनों दहशतगर्द
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक असम पुलिस के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) प्रणबज्योति गोस्वामी ने बताया कि दोनों का मकसद भारत में आईएसआईएस की जड़ें जमाना और इसका प्रसार करना था। असम पुलिस ने बताया कि फारूकी और अनुराग युवाओं को आईएसआईएस में भर्ती कराने, आतंकी फंडिंग और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के जरिए आतंकी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश में शामिल रहे हैं। दोनों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), दिल्ली और लखनऊ पुलिस की आतंक निरोधक शाखा (ATS) के पास भी कई मामले लंबित हैं। असम पुलिस की एसटीएफ आगे की जांच के लिए दोनों आरोपियों को एनआईए को सौंप देगी।

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