असम में बाढ़ के हालत में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। आधिकारिक बयान के मुताबिक शनिवार के 22.17 लोगों के मुकाबले रविवार को प्रभावितों की संख्या घटकर 18.35 लाख हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक करीमगंज, लखीमपुर, नगांव और शिवसागर जिले में पांच लोग बाढ़ में बह गए। इसके साथ ही बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 179 हो गई है।
कछार जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यहां करीब 12.32 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद निचले असम का नगांव और बरपेटा जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। बरपेटा के कचुमारा में करीब 200 से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं। उन्हें अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर होना पड़ा है। जिला प्रशासन ने 23 जिलों में 404 राहत शिविर लगाए हैं। वहीं, 138 वितरण केंद्रों से प्रभावितों में राहत सामग्री वितरित की जा रही है।
जलवायु परिवर्तन और खराब योजना से बिगड़े हालात: विशेषज्ञ
विशेषज्ञों के मुताबिक असम में साल दर साल इस मौसम में बाढ़ और भूस्खलन से हो रही हानि और उसकी बढ़ती तीव्रता चिंता का विषय है। विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रह्मपुत्र और बराक दो नदी घाटियों में बाढ़ पहले भी आती रही है, लेकिन हाल के वर्षों में अभूतपूर्व विनाश के लिए मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन, दोषपूर्ण बाढ़ नियंत्रण उपायों, जनसंख्या दबाव, जल निकायों के सिकुड़न, अनियमित निर्माण को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
मणिपुर भूस्खलन की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 37
मणिपुर के नोनी जिले में एक रेलवे निर्माण स्थल पर भूस्खलन की चपेट में मरने वालों की संख्या रविवार को तीन और शवों के मिलने के बाद 37 पर पहुंच गई। अधिकारियों के मुताबिक अब भी 25 लापता लोगों की तलाश में अभियान जारी है। गुवाहाटी में रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि मृतकों में 24 प्रादेशिक सेना के जवान हैं और 13 नागरिक हैं। प्रवक्ता के मुताबिक भारी बारिश और तुपुल यार्ड में भूस्खलन की ताजा घटना के बावजूद तलाशी अभियान जारी है। अभी तक प्रादेशिक सेना के 13 और पांच नागरिकों को जीवित निकाला गया है।
गुजरात में भारी बारिश में कुछ इलाके जलमग्न
दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र कई हिस्से में भारी बारिश के कारण बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। मौजूदा हालात के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की पांच टीमों को सूरत, बनासकांठा और राजकोट जिले में तैनात किया गया है। नवसारी और तापी जिले के साथ ही देवभूमि द्वारका, जूनागढ़ और जामनगर में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश हुई है।