असम के मुख्यमंत्री ने हिमंत बिस्बा सरमा ने रविवार को यहां कहा कि आज असम के लिए स्वर्णिम दिन है। आज कभी न भुलाए जाने वाला दिन है। नया इतिहास रचने वाला दिन है। आज एक नया सूरज निकला है। आज असम की धरती पर 11,600 करोड़ रुपए की परियोजनाएं का उद्घाटन और शिलान्यास हो रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार और धन्यवाद जताया।
उन्होंने कहा कि असम के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उल्फा (बातचीत गुट) के साथ शांति समझौता, बड़ो शांति समझौता, कार्बी समझौता, दिमाशा के समझौता और आदिवासी शांति समझौता हुआ है। बहुत वर्षों के बाद असम में शांति लौट कर आई है। हजारों युवाओं ने आतंकवाद को छोड़ कर मूल धारा में लौट आए हैं। यह पहली बार है, जब पिछले तीन वर्षों से असम में किसी तरह का कोई आंदोलन नहीं हुए। इसलिए असम विकास में अग्रणी दौड़ में शामिल हो गया है।
उन्होंने कहा कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि धौला और बोगीबिल में ब्रह्मपुत्र पर पुल बनेंगे, नुमलीगढ़ से गोहपुर तक टनल बनेगा, कलियाभुमुरा और सराईघाट में एक-एक पुल और बनेंगे, गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच में नया पुल बनेगा, माजुली और जोरहाट के बीच पुल बनेगा, माजुली और जोरहाट के बीच में पुल बनेगा। इतना ही नहीं नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ब्रह्मपुत्र के ऊपर नौ पुल बनाए जा रहे हैं। हमने कभी सोचा नहीं था कि असम में 23 मेडिकल कॉलेज बनेंगे। हमने कभी सोचा नहीं था कि काजिरंगा के ऊपर एलिलेटिड कॉरीडोर बनेगा। गुवाहाटी में रिंग बन बनेगा। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि असम में 17 कैंसर अस्पताल बनेंगे। हमने कभी भी नहीं सोचा था कि असम में असम के हिसाब से कार्य होगा। उन्होंने कहा कि हमने सपने में भी कभी सोचा नहीं था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 20 लाख गरीब लोगों को आवास मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि हम अपने समय में लखपति दीदी बना पाएंगे। हमने कभी सोचा नहीं था कि 2 करोड़ 85 लाख लोगों को मुफ्त में चावल मिल पाएगा। उन्होंने कहा, हमने कभी सोचा भी नहीं था कि बिना रिश्वत दिए 1 लाख लोगों को नौकरी मिल पाएगी। उन्होंने कहा, लेकिन यह सब कुछ संभव हो पाया, केवल एक व्यक्ति के असम के प्रेम के कारण और उस व्यक्ति का नाम है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।