अरुणाचल प्रदेश पुलिस और सेना ने संयुक्त अभियान चलाकर चांगलांग जिले में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएम-केवाईए) के शिविर का भंडाफोड़ किया। उग्रवादियों के शिविर से संयुक्त बलों को काफी भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद के साथ ही विस्फोटक मिले। घटनास्थल से बरामद सामग्री को आगे की जांच के लिए चांगलांग पुलिस को सौंप दिया गया है।
एक बयान के मुताबिक इस अभियान को सेना की 14 राजपूत रेजीमेंट और अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। खराब मौसम और दुर्गम इलाके के बावजूद तलाशी अभियान के दौरान टीम ने सफलतापूर्वक अभियान को अंजाम दिया।
दरअसल, सुरक्षा बलों ने ध्वस्त शिविर से एक एके-47 राइफल, एक मैगजीन, 50 राउंड गोला बारूद, छह डेटोनेटर, तीन प्लास्टिक विस्फोटक, संदिग्ध विस्फोटक पाउडर और अन्य सामान बरामद किए। चांगलांग जिले के पुलिस अधीक्षक मिहिन गैम्बो ने बताया, 14 राजपूत रेजिमेंट और अरुणाचल प्रदेश पुलिस 17 मार्च से मियाओ-विजयनगर रोड के 22 मील क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान चला रही है और एनएससीएन-केवाईए विद्रोहियों के एक शिविर का भंडाफोड़ किया है।
उन्होंने आगे कहा, हमने इलाके से हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य जंगी सामान बरामद किए हैं। सैनिकों के इलाके में पहुंचने से पहले ही विद्रोही इलाके से भाग गए थे। अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग, तिरप और लोंगडिंग जिलों में एनएससीएन के कई समूह अभी भी सक्रिय हैं, जो अराजकता फैला रहे हैं।
भारत-बंगाल सीमा पर मिले ड्रोन की जांच कर रहा बीएसएफ
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारी अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे एक खेत से शनिवार सुबह मिले ड्रोन की जांच कर रहे हैं। हालांकि, यह ड्रोन किसने और किस उद्देश्य से यहां भेजा था, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। जांच में पाया गया है कि यह ड्रोन पीआरसी (पीपल्स रिपब्लिक आफ चाइना) निर्मित है जिसका माडल नंबर एस500 है। फिलहाल कोई भी इस ड्रोन को लेने नहीं आया है और न ही इस पर कोई दावा किया है। इससे पहले किसान द्वारा ड्रोन को उठाकर पुलिस थाना पेट्रापोल में जमा करा दिया गया। बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर मुख्यालय, कोलकाता की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि यह खेत अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 300 मीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में है।