भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरे ने कहा कि 'अक्तूबर के महीने में अरुणाचल प्रदेश में ऑक्सीजन का प्रतिशत सबसे ज्यादा होता है, इसलिए अक्तूबर का महीना यहां मैराथन आयोजित कराने का सबसे अच्छा समय है।'
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में आज देश की पहली हाई एल्टीट्यूड मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। इस मैराथन को भारतीय सेना और राज्य सरकार मिलकर आयोजित कर रही हैं, जिसमें देश भर के खिलाड़ी आज अरुणाचल प्रदेश के तवांग में जुट रहे हैं। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरे ने बताया कि इस मैराथन का उद्देश्य उत्तर पूर्व और अरुणाचल प्रदेश को देश के मैराथन नक्शे पर लाने का है। यहां से लोग पहले देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाली मैराथन में भाग लेने जाते थे। इसलिए हमने यहीं पर हाई एल्टीट्यूड मैराथन आयोजित कराने का फैसला किया है। जो कि सबसे मुश्किल मैराथन में से एक होती है।
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'पिछले 10 सालों में काफी विकास हुआ'
लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरे ने कहा कि बीते 10 सालों में यहां काफी विकास हुआ है। एक समय था जब तवांग से आगे सड़कें ही नहीं थी लेकिन आज सीमा तक सड़कें बन गई हैं और इस विकास का लोगों को फायदा मिल रहा है। यहां मोबाइल कनेक्टिविटी भी बेहतर हो गई है और कई कंपनियां भी यहां आ रही हैं और अपने आधारभूत ढांचे का विकास कर रही हैं। अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू भी तवांग मैराथन में हिस्सा लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे बहुत गर्व हो रहा है। भारतीय सेना ने तवांग मैराथन को आयोजित कराने में काफी मदद की है और अब तो कई बड़ी कंपनियां भी इस मैराथन को स्पॉन्सर करना चाहती हैं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी तवांग पहुंचे
तवांग मैराथन में हिस्सा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी तवांग पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'इतने बड़े पैमाने पर मैराथन का आयोजन होने पर मैं काफी उत्साहित हूं। इस तरह के मैराथन में हर किसी को शामिल होना चाहिए।'