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Mountaineers Missing: अरुणाचल के लापता पर्वतारोही, करीब एक महीने तक चले सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को रोका गया

Thu, 22 Sep 2022 01:33 AM IST
देव कश्यप एन. अर्जुन, ईटानगर।

सार

ईस्ट कामेंग के डीसी प्रभिमल अभिषेक ने बताया कि जिला प्रशासन को जैसे ही पर्वतारोही और उनके सहयोगी के लापता होने की जानकारी मिली, जिला प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और उनकी खोजबीन शुरू की। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना के साथ तालमेल करके जिला प्रशासन ने एक टीम का गठन किया।
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सर्च ऑपरेशन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिछले करीब एक महीने से भी ज्यादा समय से लापता अरुणाचल प्रदेश के पहले माउंट एवरेस्ट विजेता तापी म्रा और उनके सहयोगी निको दाओ के सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी बुधवार को ईस्ट कामेंग के डीसी प्रभिमल अभिषेक पोलुमाटला ने दी। उन्होंने बताया कि लगातार खराब होते मौसम के कारण, इस सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को फिलहाल रोकना पड़ा ताकि किसी तरह की जानमाल का कोई नुकसान नहीं हो। यह निर्णय जिला प्रशासन और भारतीय सेना ने संयुक्त रूप से विचार-विमर्श के बाद लिया।

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जानकारी देते हुए डीसी प्रभिमल ने बताया कि जिला प्रशासन को जैसे ही पर्वतारोही और उनके सहयोगी के लापता होने की जानकारी मिली, जिला प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और उनकी खोजबीन शुरू की। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना के साथ तालमेल करके जिला प्रशासन ने एक टीम का गठन किया। 27 अगस्त से दोनों का सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसके लिए दो टीमें बनाई गईं। एक पैदल टीम और दूसरी हैलिकॉप्टर टीम। पैदल टीम में कुल 34 लोगों को शामिल किया गया, जिसमें 31 सेना के जवान और स्थानीय पर्वतारोही थे।

इसके अलावा करीब 30 अन्य लोग थे, जो मदद के लिए तैनात किए गए। पैदल सर्च टीम वेओ गांव तक भी पहुंची, लेकिन खराब मौसम और लगातार बारिश के चलते वे नदी को पार नहीं कर पाए। इसके बाद उनको वापस बुलाना पड़ा। इस दौरान तामी म्रा के परिजन भी वहां पहुंच गए। इस दौरान लगातार मौसम खराब होने के कारण सेना के जो चार हेलिकॉप्टर इसके लिए लगाए गए थे, वे उड़ ही नहीं पाए।
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इस दौरान इस सर्च ऑपरेशन की मदद के लिए सैटेलाइट की भी मदद लेने का प्रयास किया गया, आईआरएस की भी मदद ली गई, लेकिन मौसम खराब होने के कारण उस दौरान की कोई भी तस्वीर नहीं मिल पाई। इसके अलावा एनआरएससी और एनईएसएसी से भी कोई सुराग नहीं मिल पाया।

हेलिकॉप्टर सर्च ऑपरेशन की जानकारी देते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल संतोष कुमार राय ने बताया कि जब पैदल सर्च को बंद किया गया, उसके बाद आठ सितंबर को मौसम खुलने पर हेलिकॉप्टर से सर्च अभियान शुरू किया गया। इसमें स्थानीय पर्वतारोहियों को भी रखा गया। इसके बाद बेस कैंप में सेना के जवानों को उतारा गया। जैसे ही मौसम खुला वे कैंप-1 तक गए और वहां पर सर्च ऑपरेशन किया। इसके बाद वे कैंप-2 तक भी पहुंचे और वहां पर खोजबीन की। इस बीच लगातार मौसम खराब होने, कैंप-2 में दृश्यता कम होने के कारण सर्च ऑपरेशन में लगातार दिक्कतें आने लगीं। इसके बाद भी सेना के जवान सर्च में जुटे रहे। लेकिन जब वहां का मौसम ज्यादा ही खराब होने लगा तो इस सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को फिलहाल रोकने का फैसला लिया गया, ताकि किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हो।

उल्लेखनीय है कि तापी (37) अरुणचल प्रदेश की ऊंची चोटियों में से एक माउंट क्यारीसाटम (6890 मीटर) पर चढ़ाई के आधिकारिक मिशन पर थे। तापी म्रा ने 21 मई 2009 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी।

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