सेना, नौसेना और वायुसेना के कर्मियों केा सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के मुताबिक बढ़ा हुआ वेतन इसी महीने से मिलने लगेगा। तीनों सेवाओं से जुड़े कर्मियों की कुछ मांगें केंद्रीय कैबिनेट में मंजूर हो जाने के बाद सरकार ने पिछले सप्ताह उनका वेतनमान बढ़ा दिया था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रक्षा विभाग ने सभी कर्मियों को मई के वेतन में एरियर सहित संशोधित वेतनमान देने के लिए अलग से सामान्य निर्देश जारी किए थे। रक्षाकर्मियों की विकलांगता पेंशन फिर से बहाल करने की मांग भी मान ली गई है। सातवें वेतनमान के मुताबिक, संशोधित वेतनमान जनवरी 2016 से प्रभावी होगा।
दरअसल, रक्षाकर्मियों ने वेतन से जुड़ी कुछ विसंगतियों का मुद्दा उठाया था जिस कारण आयोग की सिफारिश लागू नहीं हो पा रही थी। उनकी अन्य मांगों पर गौर करते हुए सरकार ने पिछले हफ्ते ही विकलांगता पेंशन की पूर्व प्रक्रिया जारी रखने फैसला किया और इस मामले में सातवें वेतन आयोग की सिफारिश नहीं अपनाई।
सशस्त्र बल विकलांगता पेंशन का मूल्यांकन करने के लिए प्रतिशत आधारित व्यवस्था बदलने का लगातार दबाव बना रहा था और वेतन आयोग द्वारा अपनाई गई स्लैब आधारित प्रणाली का कड़ा विरोध किया था।
सशस्त्र बलों ने नॉन-फंक्शनल अपग्रेड (एनएफयू) सहित कई अन्य विसंगतियों का भी मुद्दा उठाया था। हालांकि इस पर अभी विचार नहीं हो पाया है। एनएफयू योजना के तहत केंद्रीय समूह की ए श्रेणी के अधिकारियों को स्वत: एक निश्चित अवधि के बाद प्रोन्नति मिल जाती है। एनएफयू के तहत वेतनवृद्धि संस्थागत जरूरतों और रिक्तियों से मुक्त होती है।