महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला लेते हुए दो अलग निगमों के गठन का एलान किया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए दो अलग निगम बनाए हैं। वहीं इन दोनों निगमों के लिए 50-50 करोड़ रुपये का आवंटन भी किया गया है। इन निगमों में ब्राह्मणों के लिए परशुराम आर्थिक विकास निगम और राजपूतों के लिए वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप आर्थिक विकास निगम गठन किया गया है।
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले सोमवार को राज्य सरकार ने कैबिनेट बैठक में 24 अहम फैसले लिए हैं। महायुति सरकार ने बाह्मण और राजपूत समुदाय के लिए आर्थिक विकास महामंडल गठित करने की मंजूरी दी है। इस निगम की स्थापना ब्राह्मण और क्षत्रिय समुदाय के आर्थिक विकास के लिए की गई है। वहीं, तीन कुनबी उपजातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
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शिंदे सरकार ने इन निगमों के गठन को दी मंजूरी
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में ब्राह्मण समुदाय के लिए भगवान परशुराम आर्थिक विकास निगम को कैबिनेट की मंजूरी दी है। वहीं, राजपूत समाज के लिए वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप आर्थिक विकास निगम को मंजूरी दी गई है। ब्राह्मण समुदाय इस निगम की स्थापना के लिए कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहा था। अंततः कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया है।
सर्व समाज को खुश करने की कोशिश
राज्य में मराठा आरक्षण की मांग उठने के बाद हर समुदाय आक्रामक हैं। उसी पृष्ठभूमि में, ब्राह्मण समुदाय भी छात्रों को सरकारी लाभ प्रदान करने के लिए परशुराम आर्थिक विकास निगम की मांग कर रहा था। इसके लिए कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी किए गए। आखिरकार विधानसभा चुनाव से पहले परशुराम आर्थिक विकास निगम को मंजूरी दी गई है। इस तरह राज्य सरकार ने सर्व समाज को खुश करने की कोशिश की है।