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बदलापुर दुष्कर्म: आरोपी अक्षय ने पुलिस की रिवॉल्वर छीन चलाई गोली, जवाबी फायरिंग में घायल, अस्पताल में तोड़ा दम

Mon, 23 Sep 2024 08:47 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदलापुर (महाराष्ट्र)

सार

आरोपी अक्षय शिंदे को तलोजा जेल से पुलिस यौन उत्पीड़न के मामले में रिमांड पर लेकर बदलापुर जा रही थी। जब वाहन मुंब्रा बाईपास के पास पहुंचा तो आरोपी अक्षय शिंदे ने वाहन में मौजूद एक पुलिस अधिकारी की रिवॉल्वर छीन ली और दो से तीन राउंड फायरिंग की।
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बदलापुर दुष्कर्म मामले के आरोपी ने खुद को मारी गोली। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र के बदलापुर में अगस्त महीने में हुए दुष्कर्म के आरोपी अक्षय शिंदे ने पुलिस हिरासत में पुलिस की रिवॉल्वर छीनकर गोली चलाई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल हो गया। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि अस्पताल में अक्षय शिंदे ने दम तोड़ दिया। घटना में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। 
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दरअसल आरोपी अक्षय शिंदे को तलोजा जेल से पुलिस यौन उत्पीड़न के मामले में रिमांड पर लेकर बदलापुर जा रही थी। जब वाहन मुंब्रा बाईपास के पास पहुंचा तो आरोपी अक्षय शिंदे ने वाहन में मौजूद एक पुलिस अधिकारी की रिवॉल्वर छीन ली और दो से तीन राउंड फायरिंग की। इससे पुलिस अधिकारी घायल हो गया। जवाब में एक अन्य अधिकारी ने शिंदे पर गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में कलवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां अक्षय शिंदे ने दम तोड़ दिया। 

बदलापुर के आरोपी अक्षय शिंदे की मौत को लेकर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि अक्षय शिंदे की पूर्व पत्नी ने यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इसलिए उसे जांच के लिए ले जाया जा रहा था। शिंदे ने एक पुलिस कर्मी नीलेश मोरे पर गोली चलाई, जो घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मौके पर है। पुलिस ने आत्मरक्षा में यह कार्रवाई की है। जांच के बाद अधिक जानकारी सामने आएगी।
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डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पूर्व पत्नी की यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद पुलिस वारंट के साथ अक्षय शिंदे को जांच के लिए ले जा रही थी। उन्होंने पुलिस की बंदूक छीन ली और पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की और हवा में भी फायरिंग की। पुलिस ने आत्मरक्षा में उन पर गोली चलाई, उन्हें अस्पताल ले जाया गया। विपक्ष हर बात पर सवाल उठाता है, वही विपक्ष उन्हें फांसी देने की मांग कर रहा था। अगर उसने पुलिस पर हमला किया होता तो क्या पुलिस आत्मरक्षा नहीं करती? इसे लेकर कोई मुद्दा बनाना गलत है।



वहीं विपक्षी नेताओं ने इस मुठभेड़ पर आश्चर्य व्यक्त किया और घटना की विस्तृत जांच की मांग की। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया कि मुठभेड़ कुछ अन्य लोगों को बचाने के लिए की गई थी। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यह चौंकाने वाला है। इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने आश्चर्य जताया कि क्या यह मुठभेड़ स्कूल के ट्रस्टियों को बचाने के लिए की गई थी। जिन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। शिवसेना (उद्धव) के नेता और प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि गृहमंत्री और पुलिस को मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करना चाहिए क्योंकि इस घटना को लेकर संदेह है। सरकार और पुलिस को स्पष्टीकरण देना चाहिए और जनता को बताना चाहिए कि क्या हुआ था?

बदलापुर में 14 अगस्त को एक बच्ची ने स्कूल से घर लौटने के बाद अपने माता-पिता से गुप्तांगों में दर्द की शिकायत की थी। बच्ची लगातार अपने माता-पिता से शिकायत करती रही तो माता-पिता को शक हुआ। उन्होंने लड़की से पूछताछ की तो घटना का पूरा सच पता चला। जब वह टॉयलेट गई तो पता चला कि अक्षय शिंदे नाम के 23 वर्षीय सफाईकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट को छुआ था। चिंतित माता-पिता ने उसी कक्षा की एक अन्य लड़की के माता-पिता से संपर्क किया तो उन्होंने भी कहा कि उनकी बेटी कुछ दिनों से स्कूल जाने से डर रही है। दोनों बच्चियों की हालत संदिग्ध होने पर माता-पिता ने तुरंत स्थानीय डॉक्टर से जांच कराया। उसमें बाद पता चला कि आरोपी ने बच्चियों के साथ बदसलूकी की थी। 

पुलिस ने 17 अगस्त की सुबह पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया और सरकारी अस्पताल में लड़कियों की मेडिकल जांच कराई। कुछ ही देर में आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई। मामला सामने आने के बाद बदलापुर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस बीच शहर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। पुलिस ने बताया कि आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में 72 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरकार ने मामले की जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आरती सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया था।
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